क्यूएफएक्स मामला उजागर होने के बाद निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है

क्यूएफएक्स मामला उजागर होने के बाद निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है

। इस मामले से जुड़े शातिर फर्जी कॉइन लांच करने की तैयारी में थे। इसके लिए शातिर पुणे के एक इंजीनियर के संपर्क में थे।

शातिर क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर हुए फर्जीवाड़े की तरह ही आगे बढ़ रहे थे, लेकिन उनका पहले ही भंडाफोड़ हो गया। इस मामले में आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। आरोपी पांच दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली निवासी चंद्रमोहन कंपनी का वित्तीय प्रबंधन देखता था। 

 

हरियाणा का अंबाला निवासी दिनेश चोपड़ा तकनीकी सहयोग करता था। शातिरों ने निवेशकों को बांधे रखने के लिए एक वेबसाइट भी बनाई थी। इसमें लाॅगइन करने के बाद निवेशकों को उनके रिटर्न की पूरी जानकारी मिलती थी।

 

इस वेबसाइट को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। कंपनी से जुड़े हर रिकॉर्ड को पुलिस अपने कब्जे में ले रही है। क्यूएफएक्स कंपनी के जरिये फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर एमएलएम यानी मल्टी लेवल मार्केटिंग के तहत अलग-अलग लेवल तय किए गए थे। पहले 10 लेवल तय किए थे, लेकिन बाद में इन्हें बढ़ाकर 17 कर दिया गया था।

लेवल के अनुसार ही अन्य लोगों को जोड़ने वाले व्यक्ति को कमीशन मिलता था। इस पूरे खेल में जिसने नए व्यक्ति को जोड़ा है, उसे अधिक और अन्य को कम कमीशन मिलता था। इसके अलावा शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कांगड़ा से मामले से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लिए। यह दस्तावेज शातिरों ने पुलिस कार्रवाई से पहले कार्यालय बंद कर छिपा लिए थे। 

 

अब पुलिस ने इन्हें कब्जे में लिया है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों से गहन पूछताछ कर कई तथ्य जुटाए हैं।इन्हें क्रॉस चेक किया जा रहा है। चंडीगढ़, हिमाचल, पंजाब, गोवा व गुजरात राज्य में फैले इस नेटवर्क का भंडाफोड़ होने के बाद हजारों निवेशक सकते में हैं। पंजाब से मंडी पुलिस को फोन आए और उनकी धनराशि दिलाने की मांग निवेशकों ने की है।

 

बता दें कि इस पूरे खेल में दो सालों में करीब 16 हजार लोगों के जरिये 210 करोड़ रुपये पूंजी का निवेश हुआ था। इसमें करीब 70 करोड़ रुपये तक ठगी होने की आशंका जताई जा रही है।

पुष्टि करते हुए एएसपी मंडी अमित यादव ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मामले से जुड़े चार लोग विदेश फरार हो गए हैं और भूमिगत हैं। इन तक पहुंचने के लिए मंडी पुलिस लगी हुई। 

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Author: powan dhiman

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