सुजानपुर के थाना प्रभारी ललित महंत ने भी महिलाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय कुछ आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए।

महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘सशक्त महिला’ योजना के तहत वीरवार को भलेठ में जिला स्तरीय जागरुकता शिविर एवं जनसंवाद आयोजित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि सशक्त महिला योजना का उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण सुनिश्चित करना तथा उन्हें सामुदायिक एवं सामूहिक नेतृत्व के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित करना है।

उन्होंने कहा कि आज का दिन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के उन्मूलन दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के कल्याण एवं उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ सरकार ने इनके अधिकारों की रक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण अधिनियम बनाए हैं तथा इनमें कई विशेष प्रावधान किए हैं।

इस अवसर पर सीडीपीओ कुलदीप चौहान ने महिला हितैषी एवं विकासात्मक योजनाओं की जानकारी दी तथा इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में दुनिया का सर्वाधिक युवा और प्रतिभावान मानव संसाधन उपलब्ध है। इसके भरपूर उपयोग के लिए स्थानीय स्तर पर ऐसे सामुदायिक नेतृत्व की आवश्यकता है जो लैंगिक भेदभाव और पूर्वाग्रह के बगैर कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक शक्ति के केंद्रों के रूप में विकसित कर सके। इसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। सीडीपीओ ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की अगुवाई में समस्त विभागों के संयुक्त जनसंवाद का मुख्य उद्देश्य भी यही है।

इस अवसर पर बीडीओ राजेश्वर भाटिया ने ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी तथा महिलाओं से इन योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

सुजानपुर के थाना प्रभारी ललित महंत ने भी महिलाओं का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय कुछ आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं को फेसबुक जैसे सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को पब्लिक न करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मों की सेटिंग्स ऐसे रखी जानी चाहिए जिससे व्यक्तिगत तस्वीरों तक परिजनों एवं दोस्तों के अतिरिक्त किसी अन्य की पहुंच न हो। उन्होंने महिलाओं को साइबर ठगी से बचने के भी उपाय सुझाए।

आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के समन्वयक राजेश कुमार ने महिलाओं को बीते कल अथवा भविष्य की चिंता किए बिना वर्तमान में जीने की कला के टिप्स दिए। डॉ. रुपाली ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के साथ-साथ पोषण, अनीमिया एवं माहवारी प्रबंधन पर महिलाओं को जागृत किया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की असिस्टेंट डिफेंस काउंसलर सुनीता कुमारी ने महिलाओं के नागरिक, संवैधानिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं सामाजिक अधिकारों पर जानकारी दी। उन्होंने निशुल्क कानूनी सहायता और विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के संबंध में भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सांझा की। आईसीआईसीआई बैंक के मैनेजर मनीष कुमार ने महिला उद्यमिता, सूक्ष्म ऋण, मुद्रा योजना तथा वित्तीय प्रबंधन के बारे में बताया।

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Author: powan dhiman

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