इतिहास में पहली बार कुछ इस तरह का नजारा देखने को मिला की छोटे से राज्य में भी केंद्रीय सुरक्षा के हवाले विधायकों के घर रखे गए हैं

 

हिमाचल में सरकार का तख्ता पलटने वाले बागी विधायकों के घर भी अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स ने है डाला डेरा उनके घरों पर सीआरपीएफ का पहरा बैठा दिया गया है। वीरवार शाम के समय यह सिलसिला शुरू हुआ है।

 

सियासी हलचल अब और बढ़ गई है। विधानसभा की सदस्यता से बर्खास्त किए गए कांग्रेस के सभी छह पूर्व विधायकों का यह माहौल भाजपा में शामिल होने की ओर इशारा कर रहा है। तीन निर्दलीय विधायक भी इन्हीं बागो विधायकों के साथ इन दिनों पूर्व दिल्ली में हैं। जिस नए अंदाज की राजनीतिक उठापटक जारी है, उसी के तहत यह नया सियासी दौर शुरू हुआ है। सुजानपुर में कांग्रेस के बागी पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, बड़सर विधानसभा इंद्र दत्त लखनपाल के घर पर भी केंद्रीय रिजर्व पुलिस का पहरा लग गया है

 

राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद हुए बागी, 17 दिन है सभी इकट्ठे.. हमीरपुर में निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा के अलावा कुटलैहड़ में देवेंद्र भु‌ट्टो, गगरेट में चैतन्य शर्मा, लाहौल-स्पीति में रवि ठाकुर और धर्मशाला में सुधीर शर्मा के घरों पर सीआरपीएफ का पहरा शुरू हो गया है। वहीं, अन्य बागी व निर्दलीय विधायकों के घरों पर भी सीआरपीएफ तैनात कर दी गई है राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के बाद बागी हुए हैं विधायक और निर्दलीय विधायक पिछले 17 दिन से इकट्ठे हैं सीआरपीएफ के पहरे में इनके घरों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इससे अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इन विधायकों के घर पर सिक्योरिटी क्यों बढ़ाई गई है।

सुप्रीम कोर्ट में इन्होंने याचिका दायर की हुई है और अब सुनवाई 18 मार्च को होनी है यदि सदस्यता बहाल नहीं हुई, तो इनका में जान्न तय माना जा रहा है और हो सकता है विधानसभा उपचुनाव भी लोकसभा चुनावों के साथ हो हो जाएं। इस ऐसा माहौल बना है। सदस्यता बहाल हो गई तो फिर परिस्थितियां क्या होगी और ऐसी स्थिति में भी सीआरपीएफ अभी बने रहने, की उम्मीद जताई जा रही है। लेकिन अब ये देखना होगा आज शिमला में क्या होता है 

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Author: powan dhiman

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