
हिमाचल प्रदेश बागी 6 विधायक जल्द ही भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकते हैं। दिल्ली में आज राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन के साथ मीटिंग होगी। सभी बागी टिकट की मांग करेंगे। इस पर सहमति बनी तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद बागी विधायक भगवा चोला ओढ़ सकते हैं लेकिन अभी तक सूत्रों के अनुसार कुछ भी हो सकता है
हर्ष महाजन एक सप्ताह से भाजपा हाईकमान से संपर्क में है। हिमाचल के इन बागी विधायकों को पार्टी में शामिल करने की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। पार्टी हाईकमान एक-दो सीटों पर इन्हें टिकट देने को तैयार है। मगर कांग्रेस के सभी बागी उप चुनाव के लिए टिकट मांग रहे हैं।
हर्ष महाजन बीजेपी हाईकमान से निरंतर बागी विधायकों की निरंतर पैरवी कर रहे हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से उनकी इस मसले पर नियमित तौर पर मुलाकात हो रही है।
बीजेपी जॉइन करने को लेकर अब सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा से बात की गई तो उन्होंने माना की भाजपा में जाने की संभावनाएं प्रबल है। आज भी हो सकता है। कल भी संभव है। राणा ने संकेत दिए हैं कि वह जनता के दरबार में जाने को तैयार है। अगर सभी बागियों को बीजेपी टिकट देती है तो वह सुप्रीम कोर्ट से भी याचिका भी वापस लेने को तैयार है और उप चुनाव लड़ेंगे।
फिलहाल सुजानपुर से राजेंद्र राणा, लाहौल स्पीति से रवि ठाकुर, धर्मशाला से सुधीर शर्मा, कुटलैहड़ से देवेंद्र कुमार भुट्टो, बड़सर से आईडी लखनपाल और गगरेट से चैतन्य शर्मा को स्पीकर ने अयोग्य घोषित कर रखा है।
28 फरवरी से सभी प्रदेश से बाहर है। दो-तीन दिन में इनके प्रदेश लौटने की चर्चाएं हैं। ये विधायक चाहे भाजपा जॉइन करेंगे या नहीं, प्रदेश में बीजेपी नेता इनका चुनाव क्षेत्र में गर्मजोशी से स्वागत करेगी।
बीजेपी हाईकमान ने इन बागी विधायकों के चुनाव क्षेत्र में पार्टी नेताओं को मनाने को भी कह दिया है। मगर बागियों की एंट्री की खबर से तिलमिलाएं भाजपा नेताओं ने तो इलेक्शन कमीशन द्वारा उप चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रचार भी शुरू कर दिया है। जाहिर है कि बागियों की बीजेपी में एंट्री को पचा पाना भाजपा के लिए इतना आसान नहीं होगा। इससे 2022 के विधानसभा चुनाव की तर्ज पर बीजेपी में फिर से बगावत झेलनी पड़ सकती है।
