सीएम के गृह जिले हमीरपुर के रोड की ये हालत है और अधिकारियों को किसी का डर नहीं है

हमीरपुर-भोटा नेशनल हाईवे खतरनाक गढ्ढों से लबालब हो चुका है। इस सड़क मार्ग पर वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं रहा है। 15 किलोमीटर लंबे इस सड़क मार्ग का कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं बचा है, जहां हालात अच्छे हों। मुकम्मल तौर पर यह रोड उखड़ गया है। पिछले रोज से जारी बारिश ने तो इसकी दशा दिशा ही और खराब कर दी है। वाहन चालक पूछ रहे हैं कि नेशनल हाईवे के अधिकारी इतनी बड़ी लापरवाही आखिर क्यों कर रहे हैं। बड़े-बड़े गड्ढों में उनकी गाड़ी का जितना नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई आखिर कौन करेगा? क्या नेशनल हाईवे अथॉरिटी के पास मुरम्मत के लिए पैसे की कमी है, या फिर जानबूझकर लापरवाही खाता और जारी है?

उनका कहना है कि रोड़ टैक्स की वसूली तो सरकार पूरी करती है। फिर सड़कों की हालत क्यों नहीं सुधर रही। नेशनल हाईवे जैसे सड़क मार्गों पर ही यदि अधिकारी मौन धारण कर लेंगे, तो फिर वाहन चालकों को भगवान ही बचाएगा।

वैसे भी यह सड़क मार्ग सीएम के गृह जिले हमीरपुर के तहत पड़ता है और यदि अधिकारी इस लापरवाही से यहां काम को अंजाम दे रहे हैं, तो फिर डर किसका होगा? क्या नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारियों को पूछने का किसी के पास कोई हक नहीं है? जिला के अधिकारी क्या सभी के सभी खस्ता हाल इस सड़क पर रत्ती भर भी पसीज नहीं रहे।

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Author: powan dhiman

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