चुनावों के समय राजनीतिक दलों में तल्खी और उगले गए जहर को शालीनता और सद्भाव के माहौल में पिरोने का हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा ने विधानसभा के अंदर मुख्यमंत्री के पांव छूकर जिस गैस्चर के रूप में दिखाया, उसकी चर्चा खूब हो रही है।
विधानसभा में शपथ लेने के मौके पर आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पांव जैसे ही छुए, राजनीतिक हलकों में हलचल तो होनी ही थी।
हालांकि इसे लेकर खुद आशीष ने मीडिया को साफ बता दिया कि भाई चुनावों के समय जो हुआ वह हो गया। वोट के माध्यम से जनता ने जवाब दे दिया है। अब ‘अंत भला तो भला’, यही रणनीति का हिस्सा है।
दरअसल में उपचुनाव के दौरान सरकार और भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा के दरमियान नेताओं की तल्ख़ियां और जहर उगलने वाले बयान खूब चर्चा में रहे थे। लेकिन विधानसभा के अंदर जिस व्यवहार की सवारी पर आशीष ने मुख्यमंत्री के साथ व्यवहार किया, वह चर्चा का विषय बनना ही है।
खुद आशीष ने कहा कि पिछले 18 महीनों में हिमाचल में क्या हुआ।
उनके विधानसभा क्षेत्र में भी उसी का प्रभाव रहा। यदि निर्दलीय विधायकों के साथ इस सरकार का व्यापार बेहतर होता तो पिछले तीन-चार महीनों से जो माहौल प्रदेश में बना वह शायद नहीं होता लेकिन अलग परिस्थितियों में निर्दलीय विधायकों को भी इतना बड़ा फैसला लेना पड़ा था। यह पूछे जाने पर काम कैसे होंगे?
उन्होंने कहा विधानसभा में क्षेत्र के मुद्दों को उठाएंगे हमीरपुर और हिमाचल के दो सांसद विकास के लिए तैयार हैं।
केंद्रीय योजनाओं के जरिए बजट लाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भी मौजूद हैं। सब ठीक होगा और जनता की उम्मीद पर मैं खड़ा उतारूंगा।
