राजनीति के लिहाज से हमीरपुर जिला अब कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण हो गया है। लेकिन असल विडंबना यह है

राजनीति के लिहाज से हमीरपुर जिला अब कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण हो गया है। लेकिन असल विडंबना यह है कि जिला कांग्रेस का यहां कोई अपना भवन ही नहीं है। लंबे समय से कई दशक बीत गए। उधार के कमरों में इधर-उधर जिला कांग्रेस के संगठन की बैठकें आयोजित होती हैं।

लेकिन पुख्ता तौर पर कांग्रेस ने कभी भी अपना भवन तैयार करने की सोच क्यों नहीं भिड़ाई? इस पर कई सवाल हैं। अब क्योंकि यह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का गृह जिला है। इसलिए यहां कांग्रेसियों को उम्मीदें बहुत हैं। कांग्रेस के लोग यही पूछ रहे हैं कि क्या इस बार अपना भवन बनाने की प्रक्रिया सिरे चढ़ पाएगी क्या?
हमीरपुर जिला में कई अध्यक्ष आए और गए। प्रदेश में पिछले लगातार 6 टर्म दिवंगत राजा वीरभद्र सिंह ही मुख्यमंत्री रहे। शायद इसलिए भी हमीरपुर में भवन बनाने में किसी ने दिलचस्पी न ली हो। लेकिन संगठन की तरफ से यदि कारगर कदम उठाए गए होते, तो ऐसा भी नहीं है कि कोई मुख्यमंत्री इसके लिए मनाही करेगा। अब क्योंकि कांग्रेस की राजनीति में सत्ता की परिस्थितियां बदल चुकी हैं। इसका केंद्र बिंदु हमीरपुर में है। और यदि मुख्यमंत्री ही हमीरपुर जिला से ताल्लुक रखते हों, तो फिर जिला कांग्रेस का अपना भवन ना हो, ऐसा कैसे हो सकता है? जरूर मशक्कत और दिलचस्पी लेने की है। की है। इसीलिए कहा जा रहा है कि अभी नहीं तो कभी नहीं यही कांग्रेस के नेताओं की जुबान पर चल रहा है।
भाजपा बना रही है बड़ा कार्यालय;
क्योंकि हमीरपुर जिला में भाजपा ऐसा कार्यालय बना रही है जिसमें सभी तरह की सुख सुविधा उपलब्ध होगी इसका ढांचा लगभग तैयार हो गया है मट्टन सिद्ध के पास बाईपास रोड़ पर इसका निर्माण चल रहा है। 2025 में यह कार्यालय शुरू हो जाएगा, ऐसी भाजपाइयों को उम्मीद है।
सत्ता से जुड़े हुए कांग्रेस के लोगों को इसी वजह से अपने मुख्यमंत्री से भी उम्मीदें हैं कि जब बीजेपी इतना बड़ा कार्यालय बना सकती है, तो इस बार प्रदेश में सत्ता तो कांग्रेस की है। और यदि अपने जिला का मुख्यमंत्री होने के बावजूद भी इस पर काम नहीं हो पाया, तो फिर कांग्रेस को यह चीज बार-बार कचोटती रहेगी।
सत्ता का असर भी दिखना चाहिए;
पांच विधानसभा क्षेत्र वाले इस जिला में तीन सिम कांग्रेस के पास हैं और दो भाजपा के पास उपचुनावों में यहां इस बार खूब उलट-फेर भी हुआ। लेकिन जो भी हुआ हो, कांग्रेस के लिए फिलहाल गुदगुदाने वाली स्थिति तो है ही। मगर इसे प्रभावशाली बनाने के लिए उसके कर्ताधर्ताओं को अपना प्रभाव सही समय पर अब दिखाने का मौका है। तभी जिला में कांग्रेस के लिए कुछ नया हो पाएगा। नहीं तो सत्ता के आने और जाने का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।
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जिला कांग्रेस के अध्यक्ष सुमन भारती का कहना है कि उनका लक्ष्य अब यही है कि यहां पार्टी का कार्यालय हर हाल में बन कर तैयार हो। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

 

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Author: powan dhiman

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