जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय मण्डी में सप्ताह में दो दिन शल्य चिकित्सक की सेवाएं उपलब्ध

आयुष विभाग के अंतर्गत संचालित जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय मण्डी की प्रभारी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनु‌बाला गौतम ने आज यहां बताया कि संस्थान में आजकल विभिन्न विधियों द्वारा रोगियों की चिकित्सा की जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालय मण्डी में सुबह योग की क्रियाओं द्वारा दिन की शुरूआत करवाई जाती है। प्रातः 8:45 से 9:45 तक प्रतिदिन योगाभ्यास की विभिन्न क्रियाएं निःशुल्क करवाई जाती हैं जिससे बहुत से रोगी अथवा स्वस्थ व्यक्ति भी अपने स्वस्थ्य को बरकरार रख रहे हैं तथा रोग का निवारण भी पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ पर प्रतिदिन तीन चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे है जिसमें कपिंग विधि, अग्निकर्म विधि, पंचकर्मा इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त निदेशक के निर्देशों पर सप्ताह के प्रत्येक शुक्रवार व शनिवार को शल्य चिकित्सक की उपलब्धता भी करवा दी गई है। इन दो दिनों में पाइल्स (बवासीर), भगन्दर तथा अन्य शल्य सम्बन्धी रोगों का क्षारसूत्र विधि द्वारा ऑपरेशन भी किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी लोग इन सुविधायों का लाभ उठाकर आयुर्वेद पद्धति द्वारा अपना ईलाज करवा सकते हैं। बहुत से लोग जीर्ण व्याधियों से छुट‌कारा पा चुके हैं तथा कुछ निरन्तर लाभ उठा रहे हैं। योग द्वारा शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ रखा जा सकता है कपिंग, अग्निकर्म विधि द्वारा घुटनों तथा संधीगत रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है। पंचकर्मा विधि द्वारा चिकित्सा, जानू वस्ती, ग्रीवा वस्ती द्वारा घुटने, पीठ, तथा गर्दन सम्बन्धी रोगों की चिकित्सा की जाती है। मर्म चिकित्सा द्वारा शरीर के विभिन्न अंगों की वेदनाओं (नाड़ी व स्नायु सम्बन्धी) को दूर किया जाता है। सभी लोग आकर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
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Author: powan dhiman

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