हिमाचल प्रदेश सरकार ने आज ठियोग में पेयजल सप्लाई घोटाले में 10 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया लेकिन कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां सड़क ही नहीं हैं, वहां भी वाहन पानी की सप्लाई दिखाई गई है।

हिमाचल प्रदेश सरकार ने आज ठियोग में पेयजल सप्लाई घोटाले में 10 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। साथ ही पानी की सप्लाई करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश दिए। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में मत्याना डिवीजन के एक्सईएन अशोक कुमार भोपाल, कसुम्प्टी डिवीजन के एक्सईएन बसंत सिंह, मत्याना एसपीओ परनीत ठाकुर, कोटी एसडीओ राकेश कुमार, वर्तमान में कोटगढ़ में तैनात एसडीओ विवेक शर्मा, ठियोग के जेई मस्त राम बराक्टा, लाफूघाटी के जेई सुरेश कुमार, मत्याना के जेई नीम चंद, रिटायर्ड जेई सुदर्शन और धरेच फागू के जेई सुनील कुमार शामिल हैं।

 

जानकारी के अनुसार एक आईटीआई में सूचना लेने पर खुलासा हुआ था कि टैंकरों के नाम पर जिन वाहनों के नंबर दिए गए उनमें मोटरसाइकिल एवं कारों के अलावा एक अफसर की गाड़ी भी शामिल है। दो ऐसे गावों में टैंकरों से पानी की आपूर्ति दर्शाई गई जहां पर सड़क ही नहीं है। इसके अलावा जिस पिकअप का नंबर टैंक नाम पर दिखा गया उससे एक दिन में 819 किलोमीटर सप्लाई व है। दूसरे दिन भी उसी से 614 किलोमीटर सप्लाई दी गई।

एक आंकड़े के मुताबिक हर साल ठियोग उप मंडल में पानी की किल्लत के समय 10 से 12 लाख रुपए में क्षेत्र के लोगों को पीने के पानी की सप्लाई होती थी, लेकिन 2024 में यह आंकड़ा एक करोड़ 13 लाख पहुंच गया। इस पर स्थानीय निवासी व पूर्व प्रधान ने जब इसको लेकर राइट टू इनफार्मेशन के तहत सूचना मांगी तो उसमें हैरानी वाले तथ्य सामने आए हैं। चार ठेकेदार को पानी के वितरण का कार्य मिला था, लेकिन पानी ग्रामीणों को ही नहीं पंहुचा । और जो बिल बनाए गए हैं उसमें मोटर साइकिल, ऑल्टो कार सहित अन्य छोटे वाहनों में पानी की ढुलाई दिखाई गई है, जो कि संभव नहीं है और न ही कानूनी रूप से सही है। कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां सड़क ही नहीं हैं, वहां भी वाहन पानी की सप्लाई दिखाई गई है।

 

powan dhiman
Author: powan dhiman

Leave a Comment

error: Content is protected !!