एक तरफ तो हिमाचल प्रदेश के राजनेताओं द्वारा बिजली सब्सिडी छोड़ने के बीच एचपीएस ईबीएल ने बिजली बिल के सहारे अरब कारनामा सामने आया है ।विभाग की लापरवाही किसी की जान भी ले सकती है भोरंज विधानसभा में बिजली विभाग ने एक ऐसी इबारत लिखी डाली की जिस की तुलना भी नहीं की जा सकती है एक उपभोक्ता को दिसम्बर महीने का बिल ही सवा अरब का थमा दिया गया है। इस बीच भूल सुधार कर इसे 4 हजार तो किया गया है लेकिन यह सब हुआ कैसे यह बताने को कोई तैयार ही नहीं है। सवा दो अरब का बिजली का बिल देख उपभोक्ता भी चौंका तो करंट बांटने वाले साहबों को भी झटका दे गया है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) ने बिजली उपभोक्ता ललिता धीमान को उस समय झटका दिया जब उसने दिसंबर 2024 के महीने में 213,44,18,465.00 रुपये का बिजली आपूर्ति बिल जारी किया। गौरतलब है कि जिले के भोरंज उपमंडल के भैरवीं जट्टां गांव में उपभोक्ता के घर में बिजली आपूर्ति की केवल 264 यूनिट की खपत के लिए बिल जारी किया गया था। जारी बिल के अनुसार बिजली मीटर की पुरानी रीडिंग 24047 थी और नई रीडिंग 24311 थी, जबकि कुल खपत 400000264 यूनिट दिखाई गई और इसके परिणामस्वरूप बिल की राशि 245,40, 01,696.34 रुपये हुई। दिलचस्प बात यह है कि इसमें 30 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी और लगभग 13 करोड़ रुपये और 90 लाख रुपये की रात्रिकालीन रियायत थी। एचपीएसईबीएल द्वारा जारी अंतिम बिल, जिसका भुगतान नियत तिथि से पहले किया जाना था, लगभग 25 लाख रुपये का था। भोरंज में एचपीएसईबीएल के उपमंडल अधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पिछले साल दिसंबर में सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी के कारण उपभोक्ता को गलत गणना वाला बिल भेजा गया था। उन्होंने बताया कि बोर्ड के संज्ञान में मामला आने पर तुरंत समाधान किया गया और उपभोक्ता को 4046.00 रुपये का संशोधित बिल जारी किया गया। लेकिन मीटर रीडिंग कैसे बदली, यह अभी भी रहस्य बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि संशोधित बिल में कुल खपत 270 यूनिट थी और नई रीडिंग 24311 से बदलकर 24317 कर दी गई।
