10 जनवरी व बर्ष 2022 में पोस्टकोड 928 स्टेनोग्राफर की परीक्षा और स्किल टैस्ट के दौरान कुछ परीक्षार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए बोर्ड के कुछ कर्मियों ने अहम भूमिका निभाई थी। जिसके चलते विजिलैंस विभाग ने तत्कालीन बोर्ड के करीब 1 दर्जन भर कर्मियों के खिलाफ एफ.आई.आर.दर्ज की है। इन अभियुक्तों में श्वेता राणा, नितीश कुमार, जितेंद्र कुमार, सुरेंद्र शर्मा, उमा आजाद, मदनलाल, रमेश चंद, किशोरी लाल, युद्धवीर सिंह गोपाल दास आदि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस पोस्टकोड 928 में कुछ अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए बोर्ड के इन कर्मियों ने उनकी ओ.एम.आर.शीट मैं टेंपरिंग की थी। इन अभ्यर्थियों की ओ.एम.आर.शीट पर फल्यूड का इस्तेमाल कर इन्हें लाभ पहुंचाया गया था। इसके साथ ही यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि इन अभ्यर्थियों को नियमों को ताक पर रखकर स्किल टैस्ट में भी अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाया गया था। विजीलैंस इस मामले की छानबीन में पूरी तरह से जुट गई है। इस मामले में अभी तक कुल 15 एफ.आई.आर. दर्ज की जा चुकी हैं । बता दे कि इनमें से कुछ अभियुक्तों के खिलाफ पहले भी मामले दर्ज चल रहे हैं।
मामले की पुष्टि एस.पी. विजीलैंस कुलभूषण शर्मा ने की है उन्होंने बताया कि पोस्ट कोड 928 की परीक्षा में कुछ अनियमितताएं पाई गई हैं। जिसके चलते इन लोगों पर एफ.आई.आर. दर्ज करवाई गई है। उन्होंने बताया कि विजिलेंस इस मामले पर काफी पारदर्शिता और सजगता से कार्य कर रही है।
