(कुल्लू )। राधे राधे वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान रिवाड़ी, प्रदेश के पांच जिलों कुल्लू, लाहौल स्पीति, किन्नौर,मंडी एवं शिमला के आधे क्षेत्र में एक मात्र हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान है जो ग्रामीण क्षेत्र में वेटरनरी फार्मेसी कोर्स का एक प्रशिक्षण दे रहा है। यह संस्थान हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त तथा चौधरी श्रवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर से सम्बद्ध एवं हिमाचल प्रदेश निदेशालय तथा हिमाचल पैरा-वेटरनरी कौंसिल से रजिस्टर्ड है।
संस्थान अपनी गुणवत्ता के साथ पिछले दो सालो से ग्रामीण क्षेत्रो में प्रशिक्षण देने हेतु कार्य कर रहा है। संस्थान प्रबंधक डॉ मुकेश कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि वेटरनरी फार्मासिस्ट कोर्स सत्र 2025-2027 के लिए प्रवेश प्रक्रिया, हिमाचल प्रदेश सरकार के आदेश अनुसार मई महीने के प्रथम सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी। सभी इच्छुक छात्र जो वेटरनरी फार्मासिस्ट का कोर्स करना चाहते है वे 1 मई से 24 मई तक प्रवेश हेतु आवेदन संस्थान में आकर कर सकते है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 मई से शुरू कर दी जाएगी। हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा इस कोर्स के लिए पात्रता प्लस टू मेडिकल कर दी गयी है, जिसमे न्यूनतम 55% अंक प्राप्त होने चाहिए। अन्य संकायों के लिए पिछले सत्र में सरकार द्वारा प्रवेश दिया गया था, लेकिन यह मामला अभी उच्च न्यायालय के अधीन है। इस विषय पर 25 अप्रैल तक निर्णय आने की उम्मीद है।
वेटरनरी फार्मासिस्ट कोर्स के अलावा राधे राधे संस्थान में कंप्यूटर कोर्स में डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स भी करवाए जा रहे है, जो कि भारत सरकार के अंतर्गत चलाये जा रहे है | जिन कोर्स को करने हेतु इच्छुक विद्यार्थी 15 अप्रैल से प्रवेश प्राप्त कर सकते है । यह संस्थान ग्रामीण क्षेत्र में तकनीकी कोर्स पिछले 2 वर्षो से गुणवत्ता के साथ करवाता आ रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्र की जनता को व्यवासायिक कोर्स करने के लिए अपने घर द्वार पर ही सुविधा मिल सके। राधे राधे सोसाइटी की प्रधान कृष्णा देवी ने यह जानकारी दी की इस संस्थान को खोलने का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की जनता को व्यवासायिक एवं तकनीकी क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करवाना है। अतः सभी इच्छुक छात्रों से अनुरोध है की वह समय रहते उपरोक्त विषयो में प्रवेश ले सकते है, ताकि अपने भविष्य में सरकारी तथा निजी क्षेत्र में कार्य कर सके।
