कमरुघाटी को मिला नया टूरिज्म सर्किट: अब एक साथ करें जालपा माता, कमरुनाग और शिकारी देवी के दर्शन

 मंडी जिला के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे इंतजार के बाद कमरुघाटी का प्रमुख धार्मिक स्थल माता जालपा सरोआ अब बड़ा देव कमरुनाग मन्दिर से सड़क सुविधा के जरिए जुड़ गया है। इस नई सड़क सुविधा से न केवल क्षेत्र के स्थानीय लोगों को सहूलियत मिली है, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी नया आयाम मिल गया है। अब श्रद्धालु एक ही यात्रा में माता जालपा सरोआ, देव कमरुनाग और शिकारी देवी मंदिर के वाया देवीदहड़ दर्शन कर सकेंगे।

 

इससे यह इलाका एक धार्मिक-पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित हो गया है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इस सड़क के बनने से केवल श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि कमरुघाटी और आसपास के गाँवों के विकास के भी नए रास्ते खुलेंगे।

 

तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों का संगम

 

यह टूरिज्म सर्किट श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत अनुभव देगा। देव कमरुनाग मंदिर, जो वर्षा देवता के रूप में प्रसिद्ध है, एक सुंदर झील के किनारे स्थित है। वहीं, शिकारी देवी मंदिर समुद्रतल से 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में से एक है। माता जालपा सरोआ की भी क्षेत्र में गहरी धार्मिक मान्यता है।

 

स्थानीय लोगों में खुशी की लहर

 

जालपा मन्दिर कमरुनाग मंदिर तक सड़क सुविधा से जुड़ने की खबर से क्षेत्र के ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और मंदिर कमेटियों ने सरकार का आभार जताया है और कहा है कि इससे क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास तेज होगा। स्थानीय लोग अब धार्मिक मेलों और त्योहारों में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद कर रहे

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Author: powan dhiman

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