एंबुलेंस की सेवाएं दे रहे कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी मांगे पूरी न होने की सूरत में हड़ताल शुरू कर दी है। मंगलवार शाम आठ बजे से लेकर बुधवार शाम आठ बजे तक 24 घंटे तक यह हड़ताल रहेगी। कर्मचारियों की इस हड़ताल को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन तथा ब्लॉक स्तर पर अस्पताल प्रबंधन ने अपना स्टाफ तैनात किया है। इसके लिए आवश्यकता अनुसार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के कर्मचारियों की ड्यूटी भी तय की गई है। आपातकालीन सेवाएं किसी भी तरह से प्रभावित न हो इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और ब्लॉक स्तर पर अस्पताल प्रबंधन ने अपना स्टाफ तैनात कर दिया है। कंपनी द्वारा संचालित 108 तथा 102 एंबुलेंस के कर्मचारियों ने गाड़ियों की चाबियां मेडिकल कॉलेज प्रबंधन तथा ब्लॉक स्तर पर अस्पताल प्रबंधन को सौंपी हैं।
जानकारी के मुताबिक कंपनी के कर्मचारियों ने अपनी मांगे पूरी न होने के चलते हड़ताल को शुरू किया है। हमीरपुर जिला में दस 108 एंबुलेंस तथा 10 ही 102 एंबुलेंस अपनी सेवाएं दे रही हैं। दिन रात उनकी सेवाएं मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही हैं। एंबुलेंस की सेवाएं दे रहे कर्मचारियों की मांगे पूरी न होने के चलते इन्होंने 24 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी है। हमीरपुर जिला में कंपनी के 55 कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ड्यूटी अनुसार यह अपनी सेवाएं एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों को उपलब्ध करवा रहे हैं। मांगे पूरी न होने की सूरत में अब इन्होंने हड़ताल का रास्ता अपनाया है। हिमाचल प्रदेश में ही कंपनी के कर्मचारी स्ट्राइक पर हैं जिसके चलते इसका असर हमीरपुर जिला में भी देखने को मिल रहा है। सूत्रों की माने तो कंपनी के ये कर्मचारी उपायुक्त कार्यालय के बाहर बुधवार के दिन प्रदर्शन भी कर सकते हैं। फिलहाल कंपनी के कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और ब्लॉक स्तर पर अस्पताल प्रबंधन ने अपने स्तर पर व्यवस्था की है। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के प्राचार्य डॉ रमेश भारती का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के चालकों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है। किसी भी तरह से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
