मंडी, हिमाचल प्रदेश (प्रकाश चन्द शर्मा)- हिमाचल प्रदेश में मानसून आते ही कहर मचाने लगा है. मंडी शहर के विश्वकर्मा चौक के पास लोक निर्माण विभाग द्वारा रॉक बोल्टिंग तकनीक से लगाया गया डेढ़ करोड़ का डंगा एक महीने में ही फट गया. हालांकि जिस कंपनी ने यह डंगा लगाया था उसने स्थानीय लोगों को बताया था कि यह डंगा कई सालों तक नहीं हिलेगा, लेकिन बरसात के शुरुआत में ही यह क्षतिग्रस्त होना शुरू हो गया है.
2023 में हुआ था लैंडस्लाइड
गौरतलब है कि 14 अगस्त 2023 को भारी बारिश के कारण यहां लैंडस्लाइड हुआ था. जिससे यहां भारी नुकसान हुआ था. लगभग दो सालों तक इस जगह को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा सा तिरपाल बिछाए रखा. मार्च 2025 में यहां रॉक बोल्टिंग तकनीक से डंगा लगाने का काम शुरू हुआ, जोकि मई महीने में जाकर पूरा हुआ. रॉक बोल्टिंग के जरिए लगाया ये डंगा अब फिर से दरकने लग गया है।
स्थानीय निवासी नरेंद्र राणा और राणा रणपत सिंह ने बताया, “जिस कंपनी ने यह डंगा लगाया है वह यह दावा कर रही थी कि यह डंगा सालों तक नहीं हिलेगा, लेकिन यह बरसात की शुरुआत ही नहीं झेल पाया. हमारी मांग है कि तुरंत प्रभाव से यहां फिर से तिरपाल बिछाकर इसकी प्रोटेक्शन और कंपनी की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए.”
बता दें कि इस डंगे के कारण 5 परिवारों को डेढ़ साल तक अपने घरों से बेघर होना पड़ा था. जिसके चलते उन्हें दूसरी जगहों पर जाकर किराए के मकानों में शरण लेनी पड़ी. प्रभावित धीरज महाजन और अनीता ने बताया, “जब यहां डंगा लग गया तो वे डेढ़ साल बाद वापस अपने घरों की ओर लौट पाए. घरों की मरम्मत का काम किया और यहां रहना शुरू किया, लेकिन अब फिर से बेघर होने का डर सता रहा है. प्रशासन ने काफी मदद की है, लेकिन इस डंगे का स्थायी समाधान होना चाहिए।
डंगे के साथ लगते घरों पर मंडराया खतरा
कंपनी ही करेगी मरम्मत कार्य
लोक निर्माण विभाग मंडी मंडल के अधिशाषी अभियंता ई. डी के वर्मा ने बताया कि इस काम का अभी तक कंपनी को एक रुपए का भुगतान भी नहीं हुआ है. जैसे ही डंगे के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली तो तुरंत कंपनी प्रबंधन को सूचित करके इसकी मरम्मत करने के आदेश दे दिए गए हैं. कंपनी मंगलवार से इस कार्य को शुरू कर देगी. प्रारंभिक तौर पर ऐसा लग रहा है कि पानी के रिसाव के कारण डंगा क्षतिग्रस्त हुआ है, क्योंकि यहां पहले भी यह दिक्कत थी, लेकिन जो भी कारण रहे हों, इस कार्य को किया जाएगा और जो कमी रही होगी, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।
