इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत जिला मंडी में 125 विद्यार्थी लाभान्वित

उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए 24.53 लाख रूपये वितरित

 

हर बच्चे का उच्च शिक्षा का सपना पूरा हो और वह जीवन में बुलंदियों को छुए, इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा कई महत्वकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं में से एक इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना अनेकों बेसहारा व निराश्रित बच्चों के जीवन में उच्च शिक्षा की लौ जगा रही है।

 

इस वित्तीय वर्ष में मंडी जिला में इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत 18 से 27 साल आयु वर्ग के 125 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए 24 लाख 53 हजार 939 रूपये अनुदान के रूप में प्रदान किए गए हैं। ये पात्र लाभार्थी प्रदेश के विभिन्न सरकारी उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक संस्थानों से बीटेक, एमटेक, एमबीबीएस और आईटीआई की पढ़ाई कर रहे हैं।

 

योजना के लाभार्थी पण्डोह निवासी तुषार ने बताया कि वह आईटीआई मंडी में टर्नर की ट्रेनिंग कर रहा है। उसके पिता का निधन हो चुका है। घर में माता, भाई तथा दादी ही हैं। माता सिलाई का काम करती हैं जबकि भाई पेंटर है। कठिन आर्थिक स्थिति के कारण परिवार उनकी उच्च शिक्षा का खर्चा नहीं उठा पा रहा था। ऐसे में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की संवेदनशील पहल इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना उनकी सहायक बनी। इस योजना के तहत तुषार की शिक्षा का खर्च अब राज्य सरकार उठा रही है। ऐसी कल्याणकारी योजना आरंभ करने और उन जैसे जरूरतमंद युवाओं के सपने साकार करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

 

मंडी की अमृता, चतरोट की रोशनी देवी और बग्गी के शुभम बताते हैं कि उन्होंने आईटीआई मंडी से ब्यूटीशियन, सिलाई व कढ़ाई तथा इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी सिस्टम मेंटिनेंस (ICTTSM) ट्रेड में कोर्स किया है। उनकी पढ़ाई के लिए प्रदेश सरकार ने सहायता राशि दी है इसके लिए वे प्रदेश सरकार और विशेषतौर पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के धन्यवादी हैं जिन्होंने अनाथ, असहाय, बेसहारा व गरीब बच्चों के उत्थान के लिए इस प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं चलाई हैं।

 

इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान किए जा रहे हैं और उच्च शिक्षा ग्रहण करने के उनके सपनों को पूरा करने में मदद की जा रही है। यह योजना 03 सितम्बर, 2024 को आरम्भ की गई। योजना का उद्देश्य विधवा, निराश्रित व तलाकशुदा महिलाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे फीस सहित अन्य शैक्षणिक व्यय वहन कर सकें।

 

ऐसे करें आवेदन

 

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के पास आवेदन करना होगा। वहीं इसके लिए पात्र महिला का अपने पति से 7 साल अलग रहने का भी रिकॉर्ड देना होगा। एक लाख से कम आय का वार्षिक प्रमाण पत्र, हिमाचली प्रमाण पत्र, पंचायत प्रधान की रिपोर्ट, परिवार नकल, आधार कार्ड नंबर, यदि पति की मृत्यु हो चुकी है, तो उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी इसके लिए अनिवार्य दस्तावेज रहेंगे।

 

ये होंगे पात्र

 

विधवा, निराश्रित व तलाकशुदा महिलाएँ, 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग व्यक्ति व एकल नारी योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी। यह योजना उन छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने में मदद कर रही है जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं। यह उनके लिए उच्च शिक्षा के नए रास्ते खोलती है और उनके बेहतर भविष्य की नींव है।

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Author: powan dhiman

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