सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करने हेतु भारत सरकार की एक विशेष पहल

बीबीएन, 24 नवम्बर-कविता गौतम

लघु उद्योग संघ कार्यालय हिमाचल में उद्यमियों कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के क्षेत्रीय कार्यालय, शिमला दवारा केन्द्रीय सरकार की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पर जागरूकता शिविर का आयोजन लघु उद्योग संघ बददी में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जगजोत सिंह, भविष्य निधि आयुक्त जिला कार्यालय, बददी की अध्यक्षता में किया गया।कार्यक्रम में ईपीएफओ के अधिकारियों द्वारा औपचारिक क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी गई। बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा गया कि पहली योजना के तहत ईपीएफओ में पंजीकृत पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की राशि के एक महीने के ईपीएफ वेतन के बराबर प्रोत्साहन राशि सरकार द्वारा दो किस्तों में दी जाएगी। इसके लिए वही व्यक्ति पात्र होंगे जिनका मासिक वेतन 1,00,000 रुपये तक होगा। योजना की पहली किस्त 6 महीने की सेवा पूरी होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा पूर्ण करने एवं कर्मचारियों द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी। दूसरी योजना सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन से संबंधित है, जिसमें विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा नियोक्ताओं को दो वर्षों तक अतिरिक्त रूप से नियुक्त कर्मचारियों के लिए प्रति कर्मचारी 3,000 रुपये तक प्रतिमाह की प्रतिपूर्ति की जाएगी। विनिर्माण क्षेत्र के लिए योजना का लाभतीसरे एवं चौ कार्यक्रम के दौरान ईपीएफओ द्वारा शुरु किये गए कर्मचारी नामांकन योजना, 2025 के बारे में भी जानकारी दी गई जो स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने और सभी पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करने हेतु भारत सरकार की एक विशेष पहल है। कर्मचारी नामांकन योजना-2025, नियोक्ताओं को 1 जुलाई, 2017 से 31 अक्टूबर, 2025 के बीच ईपीएफ कवरेज से छूटे हुए पात्र कर्मचारियों को स्वेच्छा से नामांकित करने और कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के तहत उनके पिछले अनुपालन को नियमित करने के लिए एक विशेष अवसर प्रदान करती है। ऐसे कर्मचारियों के संबंध में, यदि पहले कटौती नहीं की गई है, तो घोषित अवधि के लिए कर्मचारी का हिस्सा माफ कर दिया गया है। नियोक्ता का दायित्व नियोक्ता के हिस्से, ब्याज (धारा 7 क्यू), प्रशासनिक शुल्क और 100 रुपये दंडात्मक हर्जाने के भुगतान तक सीमित है।

यह रहे उपस्थित-

कार्यशाला में उद्यमी मनोज कुमार, प्रदेशाध्यक्ष एफआईआई चिरंजीव सिंह ठाकुर, अधिवक्ता डा संदीप कुमार सचदेवा, हरीश खजूरिया, दिनेश एडवोकेट, सतीश कुमार, मैथिलीशरण पराशर, दीपक कुमार वर्मा, शिव कुमार, उद्योग विभाग से राकेश कुमार, हिमाचल स्टार्ट के से विक्रम कुमार व रिक्की सहित कई उद्यमी व सलाहकार उपस्थित रहे

powan dhiman
Author: powan dhiman

error: Content is protected !!