बड़सर विधानसभा क्षेत्र में जलशक्ति विभाग की गंभीर लापरवाही और सरकार की बढ़ती अनदेखी के कारण आम जनता भीषण जल संकट से जूझ रही है। क्षेत्र के कई स्थानों पर लोगों को गंदा और प्रदूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि अनेक गांवों में 5 से 7 दिन के लंबे अंतराल के बाद ही पेयजल आपूर्ति हो पा रही है।
कांग्रेस सरकार के इस कथित ‘व्यवस्था परिवर्तन’ में आम आदमी सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वे अपनी समस्याएँ लेकर जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों या अधिकारियों से बातचीत करते हैं, तो उन्हें डांट-फटकार और धमकी तक का सामना करना पड़ता है, जो अत्यंत चिंता का विषय है।
इसके अतिरिक्त, सरकार द्वारा विभाग को नई पानी की पाइपें उपलब्ध न करवाए जाने के कारण पेयजल लाइनों की मरम्मत और बदलाव का कार्य महीनों से रुका हुआ है, जिससे लोगों की समस्याएँ और अधिक बढ़ गई हैं।
सोहरी, कच्छवीं, टांगर, बोहणी, बड़ाग्रां सहित कई क्षेत्रों में 5 से 7 दिन बाद ही पानी की आपूर्ति हो रही है। गर्मियों में किल्लत, बरसात में बाधित आपूर्ति और अब सर्दियों में भी अस्थिर व्यवस्था ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया है।
सरकार व जलशक्ति विभाग तत्काल प्रभाव से स्थिति का संज्ञान लें, उपेक्षा समाप्त करें, आवश्यक पाइपें उपलब्ध करवाएँ और विभाग में फैली मनमानी पर रोक लगाएँ, ताकि बड़सर क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके। नहीं तो बड़सर की जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
