पवन धीमान, हमीरपुर।
जिला पुलिस को अपराध और यातायात नियंत्रण के काम में एक नया और अत्याधुनिक हथियार मिला है। हाल ही में पुलिस विभाग को चार नई, हाईटेक सीसीटीवी कैमरों से लैस गाड़ियां प्राप्त हुई हैं, जो अपने आप में चलता-फिरता सुरक्षा केंद्र साबित होंगी। इन गाड़ियों का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता, त्वरित कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाना है।

एएसपी राजेश उपाध्याय ने बताया कि इन चारों वाहनों को जिले के विभिन्न थानों में तैनात किया जाएगा। इनमें से एक गाड़ी को विशेष रूप से हमीरपुर ट्रैफिक पुलिस को सौंपा गया है। इस गाड़ी की खासियत यह है कि इसके चारों कोनों में लगे उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे न केवल वीडियो रिकॉर्ड करते हैं, बल्कि साथ-साथ वीडियोग्राफी भी करते हैं। इससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।
एएसपी उपाध्याय ने कहा, “इस तरह की अत्याधुनिक गाड़ियां पहले बड़े महानगरों में देखने को मिलती थीं, लेकिन अब हमारे छोटे से जिले में भी यह सुविधा उपलब्ध है। यदि कोई व्यक्ति ट्रैफिक नियम तोड़ता है या पुलिस के साथ बहस करता है, तो पूरा दृश्य कैमरे में कैद होगा। यह तकनीक नशे में धुत्त ड्राइवरों को भी तुरंत पकड़ने में सक्षम बनाएगी।”
कैमरे का नेटवर्क और विशेषताएं
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर गाड़ी में एक कैमरा वाहन के अंदर और एक पीछे की ओर लगा हुआ है। यह नेटवर्क यह सुनिश्चित करेगा कि पुलिस कार्रवाई का हर कोण दर्ज हो। ऊना जिले के बाद हमीरपुर दूसरा जिला है जहाँ इस तरह की गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसे वाहन शीघ्र ही भेजे जाने की योजना है।
इन गाड़ियों के आगमन से पुलिस की कार्य क्षमता में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है। साथ ही, इससे आम नागरिकों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति दोबारा सोचेंगे। इस तकनीकी उन्नयन को जिले में कानून-व्यवस्था और यातायात सुरक्षा को एक नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है।
