गगरेट औद्योगिक क्षेत्र में स्मार्ट मैनुफैक्चरिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर जागरूकता सत्र आयोजित

18 दिसम्बर। गगरेट औद्योगिक क्षेत्र में आज (वीरवार) को मिनी कॉमन फैसिलिटी सेंटर में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एमएसएमई उद्यमी, उद्योग प्रतिनिधि एवं सरकारी संस्थाओं के अधिकारी शामिल हुए। यह कार्यक्रम सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और सरकार के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय औद्योगिक इकाइयों में इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को अपनाने को गति देना है।

 

कार्यक्रम में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों की सशक्त भागीदारी रही। अम्ब इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गौतम जी तथा गगरेट इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष प्रमोद जी ने औद्योगिक प्रतिनिधित्व का नेतृत्व करते हुए डिजिटल तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर महासचिव सुरेश जी एवं कार्यकारी अधिकारी विपुलव राणा ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाई। औद्योगिक क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में रणनीतिक प्रयासों के लिए विपुलव राणा के योगदान की विशेष रूप से सराहना की गई।

 

इंटरैक्टिव सत्रों के दौरान सीईएल के तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि ऑटोमेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से उत्पादन में डाउनटाइम को कैसे कम किया जा सकता है और उत्पादकता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है। गगरेट स्थित मिनी सीएफसी को साझा अवसंरचना के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे एमएसएमई इकाइयाँ बिना भारी प्रारंभिक निवेश के आधुनिक तकनीकों का परीक्षण और उपयोग कर सकें।

 

श्री प्रमोद ने स्थानीय उद्योगों से आह्वान किया कि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए स्मार्ट तकनीकों को शीघ्र अपनाएं। वहीं, गौतम ने कहा कि स्मार्ट सेंसर और डेटा एनालिटिक्स अब कोई विलासिता नहीं, बल्कि अम्ब और गगरेट औद्योगिक क्षेत्रों के सतत विकास के लिए अनिवार्यता बन चुके हैं।

 

कार्यक्रम में स्थानीय उद्यमियों की प्रतिक्रिया अत्यंत उत्साहजनक रही। अनेक उद्यमियों ने प्रीडिक्टिव मेंटेनेंस एवं पेपरलेस ऑपरेशंस को तुरंत लागू करने में रुचि दिखाई। इस अवसर पर कार्यकारी अधिकारी विपुलव राणा ने कहा कि उनका कार्यालय औद्योगिक इकाइयों के लिए इस डिजिटल बदलाव को सरल और सुचारू बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि प्रत्येक इकाई को स्मार्ट प्रोटोकॉल लागू करने में आवश्यक सहयोग मिल सके।

 

कार्यक्रम के समापन पर सीईएल, जिला उद्योग केंद्र तथा औद्योगिक संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से नियमित पायलट प्रोजेक्ट्स एवं तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया। इस सामूहिक पहल से ऊना का औद्योगिक क्षेत्र हिमाचल प्रदेश में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग का अग्रणी केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इंडस्ट्री 4.0 के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।

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Author: powan dhiman

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