जिला पुलिस में 78 पुलिसप्रहरियों के पद रिक्त अकेले हेडकांस्टेबलों के 33 पद रिक्त चल रहे : 

नेताओं द्वारा चिट्टे पर विराम लगाने और प्रदेश को ड्रग्स फ्री बनाने के बड़े बड़े दावे तो किए जा रहे हैं, इसके साथ ही लॉ एंड ऑर्डर के संदर्भ में भी सरकार और विपक्षी नेता विभिन्न मंचो से एक दूसरे को घेरने की फिराक में रहते हैं, परन्तु जिन पुलिस प्रहरियों द्वारा ग्राउंड लेवल पर कार्य कर चिट्टे (ड्रग्स) पर विराम और लॉ एंड आर्डर को मैंटेन किया जा सकता है वहीं पुलिस विभिाग में ऐसे प्रहरियों की बेहद कमी खल रही है, परन्तु ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुखु के गृह जिला हमीरपुर की बात की जाए तो जिला में विभिन्न रैंक (पुलिस स्ट्रेंथ) के लिए स्वीकृत 463 पदो पर केवल 385 पुलिसकर्मी ही तैनात हैं। यानि विभिन्न रैंक के कर्मियों की 78 पोस्ट रिक्त चल रहीं हैं।

 

मौजूदा समय में हैडकांस्टेबल की सैंक्शनड स्ट्रेंथ के मुकाबले इनके 33 पद रिक्त चल रहे हैं जो सबसे ज्यादा हैं। पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं होने से जिला में तैनात अन्य पुलिसकर्मियों पर अतिरिक्त कार्यभार तो बढा ही है, बल्कि लॉ एंड आर्डर को मेन्टेन रखने में भी मसक्क्त करनी पड रही है। विश्वत सूत्रों के मुताबिक जिला हमीरपुर पुलिस में कुल 463 स्वीकृत (पुलिस सैंक्शनड स्ट्रेंथ )पोस्टे हैं, जिनमे एस.पी., ए.एस.पी, डी.एस.पीज., इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, हेडकांस्टेबल और कांस्टेबल शामिल हैं।, परन्तु मौजूदा समय में यहां उपरोक्त रैंक के कुल 385 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यहां सबसे ज्यादा कमी हैडकांस्टेबलो की बताई जा रही है। यह इनके कुल 71 पद सैंक्शनड (स्वीकृत) हैं, परन्तु मौजूदा समय में जिला में केवल 38 हेडकांस्टेबल ही तैनात हैं, यानि 33 पद रिक्त चल रहे हैं।

कुल 463 स्वीकृत पदो से 17 ट्रैफिक विंग, तो कुछ गार्दों में भी लगाए जाते हैं:

काबिलेगौर है कि इन कुल स्वीकृत 463 पदो से 17 पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक विंग में यातायात व्यवस्था को सूद्रढ बनाए रखने बारे तैनात किया गया है। इसके अलावा कुछ पुलिसकर्मियों को नेताओं की गार्दों में ड्यूटी और वी.वी.आई.पी. मूवमेंटस के समय भी तैनात किया जाता है।

पुलिसकर्मियों द्वारा ड्रग्स पर अंकुश लगाने और ऐसे कारोबारियों और सेवन करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तो की जा रही है और लॉ एंड आर्डर मेन्टेन रखने के भरसक प्रयास तो किए जा रहे हैं, परन्तु पुलिस कर्मियों की कमी उनके कार्य में एक बड़ी बाधा साबित हो रही है।

पुलिसकर्मियों की थोड़ी कमी तो जरूर, परन्तु पुलिस पूरी तरह मुस्तैद:

इसके बारे में ए.एस.पी. राजेश उपाध्याय ने बताया कि जिला पुलिस ड्रग्स पर विराम लगाने और लॉ एंड आर्डर मेन्टेन रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। उन्होंने बताया कि कुछ पोस्ट रिक्त जरूर चले हैं, परन्तु जिला में तैनात पुलिस कर्मियो द्वारा बेहतरीन तरीके से ड्यूटी का निर्वहन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चिट्टा बरामदगी मामले में मुख्य सप्लायरों समेत कई दर्जनों लोग सलाखों के पीछे धकेले गए हैं और चोरी के मामलों को सुलझाने समेत अन्य सभी तरह की गैरक़ानूनी कार्यों पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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Author: powan dhiman

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