गुरूजनों के सम्मान में देश भर से जेएनवी तरकवाड़ी के पूर्व छात्र डिडवीं पहुंचे

जवाहर नवोदय विद्यालय तरक्वाड़ी के पूर्व छात्रों ने डिडवीं टिक्कर में गुरूजनों के सम्मान में मिलन समारोह आयोजित किया गया। गुरू-शिष्य परंपरा का निर्वहन करते हुए डिडवीं टिक्कर में आयोजित इस समारोह में, कई पूर्व छात्र, जो अब देश और विदेश में प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं, अपने गुरुजनों का आभार व्यक्त करने के लिए अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए लौटे। इसमें वर्ष 1994 से 2004 तक के पास आउट बैच के करीब 300 छात्रों ने भाग लिया जबकि जेएनवी पंडोह के प्रिंसिपल एसडी शर्मा को सेवानिवृति से पहले संगीत संध्या का आयोजन भी किया गया, एसडी शर्मा जेएनवी तरकवाड़ी में वर्ष 1993 से लेकर 2005 तक बतौर गणित प्रवक्ता अपनी सेवाएं दे चुके हैं इसके साथ ही पूर्व में प्रिंसिपल रह चुके एसएस गुलेरिया, जीव विज्ञान की सेवानिवृत प्रवक्ता अनूपा, प्रिंेसिपल, गणित के प्रवक्ता नेगी सहित नवोदय के अन्य सेवानिवृत कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

समारोह के दौरान, सभी पूर्व छात्र बैचों के प्रतिनिधियों ने श्री शर्मा को एक स्मृति चिन्ह और सम्मान पत्र प्रस्तुत किया। समारोह के आयोजन समिति के अध्यक्ष भूपिंद्र बन्याल ने कहा कि सर ने हमें सिर्फ विषय ही नहीं सिखाए, बल्कि जीवन का सामना करने का तरीका भी सिखाया। इस अवसर पर जिला लोक संपर्क अधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे पूर्व छात्र विनय शर्मा ने कहा कि समाज में आज भी शिक्षक में आस्था और भरोसा सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि गुरूजनों के द्वारा दिए गए संस्कार ही अच्छे नागरिक का निर्माण करते हैं तथा नवोदय विद्यालय के शिक्षकों ने हमेशा ही अपने दायित्वों को कर्मठता और लगन के साथ पूरा किया जिसकी बदौलत ही आज नवोदय के छात्र हर क्षेत्र में उंचाई छू रहे हैं।

सेवानिवृत हो रहे प्रिंसिपल जेएनवी पंडोह एस.डी. शर्मा ने अपने विदाई भाषण में भावुक होते हुए कहा कि एक शिक्षक की सच्ची सफलता उसके छात्रों की प्रामाणिकता और उपलब्धियों में परिलक्षित होती है। जे.एन.वी. तरक्वाड़ी परिसर के पुराने फोटोग्राफ्स की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई थी। डा शैलजा तथा रजनीश ने मंच संचालन किया जबकि प्रोफेसर आशोक तथा प्रोफेसर दिनेश लखनपाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन एक भव्य भोज और शाम के संगीत के साथ हुआ, जहां पूर्व छात्रों ने अपने नवोदय दिनों की कहानियां और श्री एस.डी. शर्मा की कक्षा से आगे बढ़ाए गए सबक साझा किए।

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Author: powan dhiman

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