भाजपा नेत्री उषा बिरला ने कहा कि वर्तमान समय में मध्य-पूर्व में बन रहे हालात को लेकर पूरी दुनिया की निगाहें वहां की स्थिति पर टिकी हुई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र पर इसका प्रभाव पड़ रहा है, जिसके कारण कई देशों में तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंता का माहौल बन गया है।
उन्होंने कहा कि मध्य-पूर्व का हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के लिए ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होकर गुजरती है। हालिया सैन्य गतिविधियों के कारण इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है और कई देशों में चिंता बढ़ गई है।
उषा बिरला ने कहा कि इन परिस्थितियों के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। हाल ही में भारत के दो जहाज पेट्रोल और गैस लेकर सुरक्षित रूप से भारत की ओर रवाना हुए हैं और जल्द ही देश में पहुंचने वाले हैं। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व से आयात करता है, ऐसे में इन जहाजों का सुरक्षित पहुंचना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने कहा कि इस समय सोशल मीडिया और बाजार में कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं, जिसके कारण कुछ लोग घबराकर पेट्रोल-डीजल और गैस की जमाखोरी करने लगे हैं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराहट और जमाखोरी किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। इससे कृत्रिम कमी पैदा होती है और आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उषा बिरला ने कहा कि भारत सरकार और भारतीय नौसेना लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और देश की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कूटनीतिक तथा रणनीतिक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का भी मानना है कि भारत के पास पर्याप्त रणनीतिक भंडार और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोत मौजूद हैं, इसलिए आम जनता को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमें संयम और समझदारी दिखाने की जरूरत है। अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय सही और प्रमाणिक जानकारी पर भरोसा करें तथा अनावश्यक जमाखोरी से बचें। भारत ने हमेशा कठिन परिस्थितियों का सामना धैर्य और एकजुटता के साथ किया है और आगे भी हर चुनौती का मजबूती से सामना करेगा।
उषा बिरला ने अंत में लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें मिलकर यह संदेश फैलाना चाहिए—
“घबराहट नहीं, जागरूकता जरूरी है।
जमाखोरी नहीं, जिम्मेदारी जरूरी है।
और सबसे महत्वपूर्ण—भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है और देश हर चुनौती का सामना करने में सक्षम है।”
