मानवता का महाकुंभ” — मैहरे में उमड़ा सेवा का सैलाब, 50 यूनिट रक्त संग्रह

बड़सर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मैहरे स्थित दीन दयाल उपाध्याय बीएड कॉलेज आज सेवा, समर्पण और मानवता का अनूठा उदाहरण बना, जब यहां एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र भर से आए युवाओं, महिलाओं और गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान लगभग 50 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. सिकंदर कुमार उपस्थित रहे, जबकि बड़सर के विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पूरे परिसर में सेवा और सामाजिक जागरूकता का माहौल देखने को मिला।

यह रक्तदान शिविर एम्स बिलासपुर के सहयोग से आयोजित किया गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने आधुनिक चिकित्सा मानकों के तहत रक्तदाताओं की जांच कर सुरक्षित रक्त संग्रह सुनिश्चित किया। पूरी व्यवस्था सुव्यवस्थित और अनुशासित रही, जिससे प्रतिभागियों में विश्वास और संतोष का भाव नजर आया।

कार्यक्रम में कई सामाजिक व राजनीतिक हस्तियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और इस तरह के आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।

अपने संबोधन में डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की। वहीं विधायक इन्द्रदत्त लखनपाल ने क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं के उत्साह को सराहते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. सीमा शर्मा ने बताया कि संस्थान हर वर्ष नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करता है, जिसमें सामान्यतः 60 से 70 यूनिट रक्त एकत्रित किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिविर की खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि रक्तदान जैसे आयोजन समाज में सेवा, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं। यह आयोजन वास्तव में “रक्तदान महादान” के संदेश को साकार करता नजर आया।

powan dhiman
Author: powan dhiman

error: Content is protected !!