हिमाचल प्रदेश में आगामी शहरी निकाय चुनावों को लेकर शहरी विकास विभाग ने नगर परिषदों और नगर पंचायतों के वार्डों का आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है। इस अधिसूचना में राज्य के कई शहरी निकायों के वार्डों को सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्गों के लिए आरक्षित किया गया है।
कुल स्थिति क्या है?
प्रदेश में कुल 76 शहरी निकाय हैं
इनमें से 51 निकायों के लिए ही अभी आरक्षण रोस्टर जारी हुआ है �
इसमें शामिल:
नगर निगम
नगर परिषद
नगर पंचायत
आरक्षण कैसे किया गया है?
अधिसूचना के अनुसार वार्डों को निम्न श्रेणियों में बांटा गया है:
सामान्य (General / Unreserved)
महिला (Women)
अनुसूचित जाति (SC)
अनुसूचित जनजाति (ST)
SC महिला / ST महिला (आरक्षित उप-श्रेणी)
यह आरक्षण रोटेशन सिस्टम के आधार पर किया गया है ताकि सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिले।
उदाहरण (कैसे बांटे गए वार्ड)
➤ नगर निगम धर्मशाला
6 वार्ड – सामान्य
6 वार्ड – महिला
1 वार्ड – ST
1 वार्ड – ST महिला
1 वार्ड – SC
1 वार्ड – SC महिला
नगर निगम पालमपुर
4 वार्ड – सामान्य
6 वार्ड – महिला
1 वार्ड – ST
4 वार्ड – SC (जिसमें 2 SC महिला)
नगर निगम मंडी
5 वार्ड – सामान्य
6 वार्ड – महिला
4 वार्ड – SC (2 SC महिला) �
नगर निगम सोलन
7 वार्ड – सामान्य
7 वार्ड – महिला
2 वार्ड – SC
नगर परिषद और नगर पंचायत (महत्वपूर्ण बात)
26 नगर परिषद और 21 नगर पंचायतों के लिए भी वार्डवार आरक्षण तय किया गया है
हर जिले (जैसे कुल्लू, मनाली, भुंतर आदि) में अलग-अलग वार्डों की डिटेल लिस्ट जिला स्तर पर जारी की गई है
क्यों नहीं सभी जगह चुनाव?
76 में से केवल 51 निकायों में ही अभी चुनाव होंगे
कुछ निकाय:
हाल ही में अपग्रेड हुए
या नए बने हैं और कार्यकाल पूरा नहीं हुआ
वार्ड आरक्षण से अब साफ हो गया है कि किस वार्ड में कौन-सा वर्ग चुनाव लड़ सकेगा
इससे चुनावी तैयारियों को तेजी मिलेगी
राजनीतिक दल अब उम्मीदवार चयन प्रक्रिया शुरू करेंगे
