नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2026। देश में विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के समापन के साथ ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चल रही अटकलों पर केंद्र सरकार ने विराम लगा दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि देश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराहट में ईंधन की खरीदारी न करें, क्योंकि सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।
सरकार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और सोशल मीडिया पर कीमतों में उछाल की चर्चाएं तेज थीं।
आंध्र प्रदेश में दिखा घबराहट का असर
आंध्र प्रदेश में सोमवार को अफवाहों के चलते हजारों वाहन चालक पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े थे। हालात को संभालने के लिए मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने अधिकारियों और तेल कंपनियों को आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के निर्देश दिए।
सरकार ने दिया भरोसा—नहीं होगी कमी
सुजाता शर्मा ने बताया कि तेल विपणन कंपनियां फिलहाल पेट्रोल पर करीब 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 10 रुपये प्रति लीटर का नुकसान झेल रही हैं, फिर भी आम जनता पर बोझ नहीं डाला जा रहा है।
उन्होंने यह भी माना कि पश्चिम एशिया के हालात का असर कच्चे तेल और गैस के आयात पर पड़ा है, लेकिन सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था कर आपूर्ति को प्रभावित नहीं होने दिया है। घरेलू एलपीजी और पीएनजी की 100% आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जबकि सीएनजी की सप्लाई भी पूरी तरह जारी है।
जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने दवा, स्टील, कृषि और बीज जैसे आवश्यक क्षेत्रों को ईंधन आपूर्ति में प्राथमिकता दी है। वहीं, जरूरतमंदों के लिए 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता दोगुनी कर दी गई है, जिससे खासकर प्रवासी मजदूरों को राहत मिले।
नजर बनी हुई है वैश्विक बाजार पर
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि देश में ईंधन की सप्लाई और कीमतें स्थिर बनी रहें।
निष्कर्ष:
फिलहाल आम जनता के लिए राहत की खबर यही है कि चुनाव खत्म होने के तुरंत बाद पेट्रोल-डीजल महंगा होने की संभावना से सरकार ने साफ इनकार कर दिया है। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए आगे की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
