हमीरपुर अवैध खनन मामले में विधायक के रिश्तेदारों को जमानत,  17 दिन बाद जेल से बाहर आए प्रवीण और उमेश, पुंघ खड्ड में बंद क्रशर से जुड़ा है विवाद

पुंघ खड्ड में अवैध खनन के सनसनीखेज मामले में शनिवार को सेशन जज की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए विधायक आशीष शर्मा के चाचा प्रवीण शर्मा और भाई उमेश शर्मा को नियमित जमानत दे दी। करीब 17 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद दोनों जेल से रिहा हो गए हैं, जिससे पूरे प्रदेश में सियासी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

 

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 13 अगस्त 2025 को सुजानपुर थाना क्षेत्र के पुंघ खड्ड में स्थित एक बंद पड़े स्टोन क्रशर पर पुलिस ने छापेमारी की थी। इस कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में पत्थर, बजरी और मशीनरी बरामद कर जब्त की गई थी। पुलिस ने अवैध खनन के आरोप में प्रवीण शर्मा, उमेश शर्मा समेत दो अन्य कर्मचारियों को नामजद किया था।

 

अदालत ने क्या कहा?

इससे पहले 15 अप्रैल को एसीजीएम कोर्ट ने दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने उसी दिन आत्मसमर्पण कर दिया था। दिलचस्प बात यह रही कि पहले दो क्रेशर कर्मचारियों को 19 मार्च 2026 को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल चुकी थी, लेकिन प्रवीण और उमेश शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। हालांकि, अब सेशन कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत मंजूर कर ली।

 

सियासी बवाल

विधायक आशीष शर्मा के रिश्तेदार होने के कारण यह मामला पहले से ही सुर्खियों में था। अब जमानत मिलने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाना शुरू कर दिया है कि प्रशासन पर राजनीतिक दबाव हावी हो रहा है। वहीं, सत्तारूढ़ दल ने इसे पूरी तरह से न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए किसी भी तरह के दबाव से इनकार किया है।

 

आगे क्या?

 

फिलहाल जांच जारी है। अगली सुनवाई में कई और अहम तथ्यों के उजागर होने की संभावना जताई जा रही है। देखना होगा कि इस फैसले के बाद प्रशासन क्या रुख अपनाता है और क्या मामले में कोई और राजनीतिक नाम सामने आते हैं। अवैध खनन के इस कांड ने हमीरपुर के साथ-साथ पूरे प्रदेश की सोच को हिलाकर रख दिया है। अब सबकी निगाहें अदालत की अगली तारीख और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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Author: powan dhiman

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