हिमाचल प्रदेश में बीती रात आए भयंकर तूफान ने लोगों को दहशत में डाल दिया। तेज आंधी, गर्जना और बारिश के साथ मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि कई इलाकों में भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि जगह-जगह पेड़ धराशायी हो गए और कई घरों की छतें तक उड़ गईं।
तूफान के चलते प्रदेश के अनेक हिस्सों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई, जिससे लोग पूरी रात अंधेरे में रहने को मजबूर रहे। कई जगहों पर सुबह तक भी बिजली बहाल नहीं हो पाई। सड़कों पर गिरे पेड़ों और मलबे के कारण यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी तूफान का व्यापक असर देखने को मिला, जहां कई संपर्क मार्ग बंद हो गए और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
किसानों और बागवानों को भी इस प्राकृतिक आपदा से बड़ा नुकसान हुआ है। तेज हवाओं और बारिश ने फसलों और बागानों को प्रभावित किया है, जिससे आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
वहीं अगर बात हमीरपुर जिले की करें तो हमीरपुर के एनआईटी के पास एक बड़ा पेड़ गिरने के कारण नेशनल हाईवे-03 कुछ समय के लिए पूरी तरह बाधित रहा। सड़क बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाने का कार्य शुरू किया, जिसके बाद यातायात को बहाल किया गया।
स्थानीय प्रशासन, बिजली बोर्ड और राहत टीमें रात से ही हालात सामान्य करने में जुटी हुई हैं। वहीं मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में भी खराब मौसम की संभावना जताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
बीती रात का यह तूफान हिमाचल के लोगों के लिए लंबे समय तक याद रहने वाला साबित हुआ।
