हमीरपुर की राजनीति में उस समय भावुक माहौल देखने को मिला, जब भाजपा नेता सुशील ठाकुर सार्वजनिक मंच पर अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए। पार्टी टिकट कटने के बाद पहली बार समर्थकों के बीच पहुंचे सुशील ठाकुर की आंखें नम हो गईं और उनके भीतर का दर्द आंसुओं के रूप में बाहर आ गया।
समर्थकों को संबोधित करते हुए सुशील ठाकुर ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक पार्टी और क्षेत्र की सेवा पूरी निष्ठा के साथ की, लेकिन अंत समय में लिए गए फैसले ने उन्हें अंदर तक आहत किया है। भाषण के दौरान कई बार उनकी आवाज भर्रा गई और मंच पर मौजूद समर्थक भी भावुक नजर आए।
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने “सुशील ठाकुर संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं” जैसे नारों से उनका हौसला बढ़ाया। वहीं राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को भाजपा के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि सुशील ठाकुर ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनके आंसुओं ने बहुत कुछ बयां कर दिया। क्षेत्र में अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
