पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में 2,352 करोड़ रुपये की लागत से चिनाब-ब्यास लिंक टनल प्रोजेक्ट को मंजूरी दिए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे हिमाचल सहित पूरे उत्तर भारत के लिए लाभकारी बताया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वीकृत यह परियोजना देश को जल एवं ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने वाली है। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति क्षेत्र में प्रस्तावित 8.7 किलोमीटर लंबी सुरंग के माध्यम से चिनाब बेसिन के अतिरिक्त जल को ब्यास नदी प्रणाली की ओर मोड़ा जाएगा, जिससे हिमाचल प्रदेश में लगभग 4000 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उत्पादन की संभावना बनेगी।
उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत लाहौल घाटी में नदी पर 19 मीटर ऊंचा बैराज बनाने का भी प्रस्ताव है। यह परियोजना केवल पनबिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिमी नदियों के जल के भारत के हित में बेहतर उपयोग से भी जुड़ी हुई है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद मोदी सरकार का यह कदम भारत के राष्ट्रीय हितों को और मजबूत करने वाला साबित होगा।
