पंचायती राज चुनावों के दूसरे चरण के मतदान के दौरान बिझड़ी में एक ऐसा भावुक दृश्य देखने को मिला, जिसने मतदान केंद्र पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। जिला परिषद वार्ड से चुनाव मैदान में उतरे परमजीत शर्मा उर्फ डैफा के समर्थन में उनका 23 वर्षीय बेटा आनंद शर्मा पहली बार वोट डालने मतदान केंद्र पहुंचा।
आनंद शर्मा पिछले 23 वर्षों से गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। वह न ठीक से चल सकता है और न ही बोल सकता है। बचपन में सिर की गंभीर बीमारी के चलते उसका ऑपरेशन हुआ था, लेकिन ऑपरेशन के बाद हुए दुष्प्रभावों ने उसकी जिंदगी बदल दी। तब से आनंद बिस्तर पर ही जिंदगी गुजार रहा है।
परिवार के अनुसार जब आनंद को पता चला कि उसके पिता चुनाव लड़ रहे हैं तो उसने मतदान करने की इच्छा जताई। बेटे की यह इच्छा सुनकर परिजन उसे विशेष व्यवस्था के तहत वाहन में मतदान केंद्र तक लेकर पहुंचे।
जैसे ही आनंद मतदान केंद्र पहुंचा, वहां मौजूद मतदाता, पोलिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भावुक हो उठे। कुछ देर के लिए बूथ का माहौल पूरी तरह संवेदनशील हो गया। लोगों ने इसे लोकतंत्र के प्रति अद्भुत जज्बा बताया।
सबसे मार्मिक पल उस समय आया जब मतदान के बाद परमजीत शर्मा ने अपने बेटे को गले लगाया। बेटे को पहली बार वोट डालते देख पिता की आंखें भर आईं और वहां मौजूद कई लोग भी भावुक हो गए।
परमजीत शर्मा ने कहा कि बेटे का पहली बार मतदान केंद्र तक पहुंचना उनके लिए किसी चुनावी जीत से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पल उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी खुशी बन गया।
आनंद शर्मा का यह पहला वोट केवल मतदान नहीं, बल्कि परिवार के संघर्ष, बेटे के जज्बे और पिता-पुत्र के अटूट रिश्ते की भावुक मिसाल बन गया।
