पशु चिकित्सा विभाग की तत्परता, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कुशलता के चलते तहसील अम्ब के सोहारी गांव की एक गाय को नया जीवनदान मिला। बहुआयामी पशु चिकित्सालय एवं पशु चिकित्सा पॉलीक्लीनिक ललड़ी में किए गए सफल ऑपरेशन के दौरान गाय के पेट से लगभग 7 किलोग्राम प्लास्टिक, दो पत्थर तथा तीन सिक्के निकाले गए।
डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान
इस जटिल शल्य चिकित्सा को डॉ. निशांत रनौत के नेतृत्व में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। ऑपरेशन टीम में डॉ. नवनीत शर्मा, डॉ. शिल्पा, फार्मासिस्ट सौरव कुमार तथा रीमा, सनंदा, राम प्रसाद, दीपक, सक्षम और विकास ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। डॉ. निशांत रनौत ने बताया कि गाय पिछले रविवार से चारा नहीं खा रही थी और लगातार बेचैनी व तनाव की स्थिति में थी। पशु की गंभीर हालत को देखते हुए उसे उपचार के लिए ललड़ी पॉलीक्लीनिक लाया गया। जांच के दौरान चिकित्सकों को पेट में बाहरी वस्तुओं के जमा होने की आशंका हुई, जिसके बाद तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि शल्य चिकित्सा के दौरान गाय के पेट से भारी मात्रा में प्लास्टिक, दो पत्थर और तीन सिक्के निकाले गए। लंबे समय से पेट में जमा यह सामग्री पशु के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी थी। समय पर किए गए उपचार और सफल ऑपरेशन के कारण गाय की जान बच गई तथा उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।