ग्राम पंचायत मस्याणा के तहत महयाणा गांव के लोगों ने कुणाह खड्ड में कथित अवैध खनन को लेकर प्रशासन के समक्ष गंभीर शिकायत दर्ज करवाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के समीप संचालित एक क्रशर इकाई के लिए खड्ड में बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है, जिससे श्मशान घाट, पेयजल योजना और आसपास के क्षेत्र को खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, रविवार सुबह गांव के लोग मौके पर पहुंचे तो पाया कि श्मशान घाट के साथ-साथ उस स्थान के निकट, जहां जल शक्ति विभाग का टैंक स्थापित है, लगभग 15 से 20 फुट तक गहरी खुदाई की गई है। उनका कहना है कि खनन के कारण वहां खतरनाक ढलान बन गई है और आगामी बरसात में श्मशान घाट को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
शिकायत में कहा गया है कि मौके पर एक ट्रैक्टर बजरी और पत्थर भरता हुआ पाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सामग्री क्रशर तक पहुंचाई जा रही थी। उन्होंने मौके की तस्वीरें और अन्य साक्ष्य भी प्रशासन को सौंपने की बात कही है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जिस स्थान पर खनन हो रहा है, उसके समीप हिमाचल प्रदेश सरकार की पेयजल योजना का ढांचा मौजूद है। साथ ही सांसद निधि से निर्मित श्मशान घाट भी वहीं स्थित है। इसके अलावा करीब 100 मीटर की दूरी पर पेयजल योजना की मशीनरी लगी हुई है, जिसके माध्यम से महयाणा से बाजूरी क्षेत्र तक लोगों को पानी की आपूर्ति की जाती है।
गांववासियों का आरोप है कि यदि समय रहते अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई तो बरसात के दौरान पेयजल योजना, श्मशान घाट और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा खनन गतिविधियों को तुरंत बंद करवाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार संबंधित विभागों को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण लोगों में भारी रोष व्याप्त है।
