वेनेजुएला में गुरुवार तडक़े आए दो-दो ताकतवर भूकंप के बाद तबाही का मंजर पसरा हुआ है। हजारों लोग लापता हैं, जिनकी खोज जारी है। घायल और परेशान लोग मलबे के ढेरों में अपनों की तलाश कर रहे हैं। वहीं सैकड़ों लोगों ने पार्क, पार्किंग और दूसरी खुली जगहों पर रात बिताई। दूसरी तरफ अब तक 589 मौतों की पुष्टि हो चुकी है और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। राहत दल बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। वहीं 2,900 से ज्यादा लोग घायल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक मलबे के अंदर से आवाजें आ रहीं हैं। सरकार ने देर रात बताया कि 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड्रिग्ज से बात कर मदद की पेशकश की है। उत्तरी वेनेजुएला के शहरों में इस वक्त चीख-पुकार और मातम का माहौल है। मलबे से धूल और खून से सने लोगों, बच्चों और बेजुबान जानवरों को निकाला जा रहा है। राजधानी काराकास के उत्तर में स्थित तटीय क्षेत्र ला गुएरा इस आपदा का सबसे बड़ा शिकार बना है। एक रिटायर्ड शिक्षक जुआन अल्बर्टो ने बताया कि वह मलबे के बीच से गुजर रहे थे, जहां हर तरफ लाशें थीं। तभी उन्हें एक दबी हुई महिला दिखी जो हाथ हिलाकर मदद मांग रही थी, लेकिन संसाधन न होने के कारण वह बेबस थे।
अमरीकी एजेंसी ने 10,000 से अधिक मौतों की आशंका जताई
अमरीकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की 44 फीसदी आशंका है। वहीं, एक लाख लोगों के जान गंवाने की 30 फीसदी आशंका है। इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान हो सकता है।