शिमला में संवाद भारत के पत्रकारों के साथ कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस पदाधिकारी द्वारा प्रदेश सरकार के संरक्षण में जिस प्रकार की बदसलूकी और अभद्र व्यवहार किया गया है, वह अत्यंत निंदनीय एवं लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। मीडिया काउंसिल ऑफ जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शांति गौतम ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना जाता है। पत्रकारों का दायित्व निष्पक्ष रूप से जनता तक तथ्य और सच्चाई पहुँचाना है। यदि पत्रकारों को अपना कर्तव्य निभाने से रोका जाता है या उनके साथ भय एवं दबाव का वातावरण बनाया जाता है, तो यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है। गौतम ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ।
लोकतंत्र में असहमति का सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की सुरक्षा प्रत्येक सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार या उत्पीड़न किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
