हमीरपुर/इंदौर, 5 सितंबर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने युवाओं का आह्वान किया कि वे संघर्षों और चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसर में बदलें और अपनी मेहनत, प्रतिभा तथा ईमानदारी के दम पर अपनी अलग पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के कंधों पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की बड़ी जिम्मेदारी है।
इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ और आइडिलिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के संयुक्त दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह महज डिग्री हासिल करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई चुनौतियों और जिम्मेदारियों की शुरुआत है। अब विद्यार्थियों को कक्षाओं में अर्जित ज्ञान को अदालतों, कॉरपोरेट जगत और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में व्यवहारिक रूप से लागू करना होगा।
कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने की दी नसीहत
अनुराग ठाकुर ने युवाओं से कहा कि सफलता के लिए संघर्ष से गुजरना पड़ता है। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और इसरो के वैज्ञानिकों के संघर्षों का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी उपलब्धियां कभी आसान रास्ते से हासिल नहीं होतीं। युवाओं को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवा केवल पारिवारिक पहचान, सिफारिश या किसी दूसरे के नाम के सहारे आगे बढ़ने के बजाय अपनी मेहनत और प्रतिभा से अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने युवाओं से नवाचार को अपनाने, सोच-समझकर जोखिम लेने और रोजगार मांगने वालों के बजाय रोजगार पैदा करने वाला बनने का आह्वान किया।
2047 का विकसित भारत युवाओं की जिम्मेदारी
सांसद ने कहा कि आने वाले 21 वर्ष देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में देश के युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि कानून और प्रबंधन की पढ़ाई पूरी कर रहे विद्यार्थी आने वाले समय में देश की न्याय व्यवस्था, उद्योग, प्रशासन और समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने भारतीय न्याय संहिता समेत सरकार द्वारा किए गए कानूनी सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि औपनिवेशिक दौर की भारतीय दंड संहिता की जगह नई न्याय व्यवस्था लागू की गई है, जिसका उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनाना है।
स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत की लंबी छलांग
अनुराग ठाकुर ने भारत के बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में देश में करीब 500 स्टार्टअप थे, जबकि आज यह संख्या 2.23 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव युवाओं की क्षमता, नवाचार और उद्यमशीलता का प्रमाण है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम करें।
राहुल गांधी पर तीखा हमला
इंदौर एयरपोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश का युवा राहुल गांधी को तभी गंभीरता से लेगा, जब वह तुष्टिकरण की राजनीति, सनातन धर्म को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणियों और देश के प्रति कथित अपमानजनक रवैये से दूरी बनाएंगे।
उन्होंने गांधी परिवार पर राष्ट्रीय प्रतीकों और संविधान के प्रति पर्याप्त सम्मान नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाया कि कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को पूरा गाने और उसके सम्मान के लिए राहुल गांधी और गांधी परिवार 3 मिनट 10 सेकंड का समय क्यों नहीं निकाल सकते।
अनुराग ठाकुर ने सवाल किया कि क्या गांधी परिवार स्वयं को संविधान से ऊपर मानता है? उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है और राजनीतिक दलों के नेताओं को भी इस मर्यादा का पालन करना चाहिए।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना
अनुराग ठाकुर ने देशभर में चल रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लोगों की बढ़ती भागीदारी की सराहना की। उन्होंने इंदौर में प्रभावी वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व करने के लिए कैलाश विजयवर्गीय की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि इंदौर का आईटी और औद्योगिक केंद्र के रूप में तेजी से विकास तथा महाकालेश्वर के दर्शन के लिए बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या मध्य प्रदेश की विकास यात्रा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए देश के प्रत्येक राज्य और उसके युवाओं को अपनी भूमिका निभानी होगी।