प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने धर्मशाला को भंग कर दिया है।

 

हिमाचल प्रदेश में सियासत की उठ पैठक थमनै का नाम ही नहीं ले रही है  कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा की बगावत के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने धर्मशाला को भंग कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला और प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह की मंजूरी के बाद इसे डिजॉल्व किया गया। इसे लेकर पार्टी के संगठन महासचिव रजनीश किमटा ने आदेश जारी कर दिए हैं।

 

कांग्रेस ने सुधीर समर्थक ब्लॉक कॉंग्रेस कमेटी अध्यक्ष राज कुमार की पूरी टीम को भंग किया है। अब दावा किया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव से पहले नई कार्यकारिणी गठित की जाएगी। इससे पहले प्रदेश सरकार धर्मशाला नगर निगम (MC) में तैनात सुधीर शर्मा समर्थक नामित पार्षदों के मनोनयन को भी रद्द कर चुकी है। सुधीर के समर्थकों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला है। उन पर बहुमत की सरकार को गिराने की साजिश के आरोप लग रहे हैं। विधानसभा स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने सुधीर सहित छह विधायकों की सदस्यता को भी खत्म कर दिया है।

अब बागी विधायक सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। इस बीच कांग्रेस पार्टी सुधीर और उनके समर्थकों पर कार्रवाई कर रही है। दो दिन पहले ही कांग्रेस हाईकमान ने सुधीर शर्मा को ऑल इंडिया कॉंग्रेस कमेटी ने सेक्रेटरी पद से हटाया है ।

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Author: powan dhiman

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