
हिमाचल सरकार में सता का संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है इसी बीच कांग्रेस ने धर्मशाला के बाद सुजानपुर में बड़ी कार्रवाई की है। बागी पूर्व विधायक राजेंद्र राणा के विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर में ब्लाक कांग्रेस कमेटी को भंग कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने यह कार्रवाई हमीरपुर जिला कार्यकारिणी की सिफारिश पर की है। बीबीसी में ज्यादातर नेता राणा के समर्थक में थे।
राणा समर्थक पिछले कुछ दिनों से मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू के खिलाफ बयानबाजी कर रहे थे। इसलिए यह कार्रवाई की गई है। हमीरपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती ने कहा पीठ पर छुरा घोंपने वाले लोगों के लिए पार्टी में कोई स्थान नहीं हैं। लोगों को धोखा देने की आदत हो गई है। ये लोग किसी भी दल में जाएं, उसके सगे नहीं हो सकते।
सुजानपुर ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति प्रकाश, जिला उपाध्यक्ष लेखराज ठाकुर, जिला कांग्रेस महासचिव जोगिंदर ठाकुर, ब्लाक महासचिव डॉक्टर अशोक राणा सहित सुजानपुर ब्लॉक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुमन अटवाल को भी पद से हटा दिया गया है। ये नेता पिछले कुछ दिनों से मीडिया में अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे थे। कांग्रेस में ऐसी अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है।
वहीं राणा समर्थकों ने संयुक्त बयान जारी कर आरोप लगाया कि जिले का मुख्यमंत्री होने के बावजूद सुखविंदर सुक्खू ने 15 महीने में जिला को विकास के मामले में हाशिए पर धकेल दिया है। मुख्यमंत्री सिर्फ और सिर्फ अपने मित्रों पर ही मेहरबान रहे हैं, जबकि चुने हुए विधायकों को अपमानित करने में उन्होंने कोई कसर नहीं रखी।
सुजानपुर से पहले कांग्रेस ने धर्मशाला ब्लाक कार्यकारिणी को भी भंग कर दिया है। धर्मशाला में सुधीर समर्थकों पर गाज गिरी है। अब राणा के समर्थक पार्टी से बाहर कर दिए है।
प्रदेश कांग्रेस ओबीसी डिपार्टमेंट के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम चौधरी ने खुद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि 15 महीने में ओबीसी की अनदेखी की गई है।
