पिछले कल भी इनके बीजेपी में जाने की चर्चाएं दिनभर तेज रही।

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के 6 बागी पूर्व विधायक भारतीय जनता पार्टी में जाने को तैयार बैठे हैं लेकिन पिछले कल भी यह सिलसिला जारी रहा। ये सभी बीजेपी मुख्यालय से न्योते के इंतजार में है। सूत्र बताते हैं कि इनकी जॉइनिंग में एक कानूनी अड़चन भी बाधा डाल सकती है। इन्होंने सुप्रीम कोर्ट  में स्पीकर के ऑर्डर के खिलाफ याचिका डाल रखी है। इसलिए इस याचिका को भी वापस लेने की तैयारी है। अब यह देखा जा रहा है कि क्या याचिका वापस लेने से पहले कांग्रेस के बागी BJP जॉइन कर पाएंगे।

पिछले कल भी इनके बीजेपी में जाने की चर्चाएं दिनभर तेज रही।लेकिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के पॉर्लियामेंटरी बोर्ड मीटिंग में व्यस्त होने की वजह से बागी पूर्व विधायकों की नड्डा से मुलाकात नहीं हो सकी। इन्हें नड्डा ही जॉइन कराएंगे। सभी को उप चुनाव में टिकट देने का भरोसा दिया गया है। आश्वासन के साथ बागी विधायक बीजेपी जॉइन करेंगे। बीजेपी जॉइन करने के बाद सभी बागी विधायक अपने-अपने चुनाव क्षेत्र में वापस लौटेंगे। फिलहाल सभी 28 फरवरी से ही प्रदेश से बाहर है।
इन विधायकों को बीजेपी में शामिल करने की रणनीति नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन बना रहे हैं। वह एक सप्ताह से पार्टी हाईकमान खासकर जेपी नड्डा से कांग्रेस के बागियों की पार्टी में एंट्री को लेकर रणनीति बना रहे हैं। अब माना जा रहा है कि सभी बागी भगवा चोला पहनकर ही प्रदेश लौटेंगे।
 प्रदेश में बीते 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव हुआ। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट के मशहूर अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा ने हर्ष महाजन को प्रत्याशी बनाया। कांग्रेस के पास 40 अपने विधायक थे और तीन निर्दलीय भी राज्यसभा चुनाव से पहले तक कांग्रेस सरकार के साथ एसोसिएट के तौर पर काम कर रहे थे। CM सुक्खू ने चुनाव से पहले 43 विधायकों का दावा किया था।
 25 एमएलए वाली बीजेपी ने कांग्रेस से ही भाजपा में आए हर्ष महाजन को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया और छह कांग्रेस के बागी और तीन इंडिपेंडेंट का वोट लेकर 34 वोट ले लिए। लेकिन अब मुकाबला बराबरी पर आ गया है । अब ये देखना होगा कि लॉटरी सिस्टम से भाजपा के हर्ष महाजन चुनाव जीत गए।
इस तरह सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, लाहौल स्पीति से रवि ठाकुर, धर्मशाला से सुधीर शर्मा, कुटलैहड़ से देवेंद्र कुमार भुट्टो, बड़सर से आईडी लखनपाल और गगरेट से चैतन्य शर्मा बागी हो गए। इन्होंने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट किया। इन पर पार्टी व्हिप के उल्लंघन का भी आरोप है।
कांग्रेस के छह पूर्व विधायकों पर आरोप है कि ये लोग कट मोशन, फाइनेंशियल बिल और बजट पास करते वक्त सदन से गैर हाजिर रहे, कांग्रेस ने इन्हें सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर रखा था। लेकिन व्हिप की अवहेलना करने पर संसदीय कार्य मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने स्पीकर से इनकी शिकायत की थी।
 शिकायत पर ही स्पीकर ने इन्हें अयोग्य घोषित ठहराया। सभी अयोग्य घोषित विधायक 28 फरवरी से ही प्रदेश से बाहर है। एक-दो दिन के भीतर इनके वापस प्रदेश लौटने की सूचना है।
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Author: powan dhiman

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