
हिमाचल प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी जॉइन करने के बाद पूर्व विधायकों जो विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं, इसी सप्ताह अपने घर लौटेंगे। एक महीने से भी अधिक वक्त से कांग्रेस के 6 बागी और 3 इंडिपेंडेंट पूर्व विधायक प्रदेश से बाहर हैं। बीजेपी इनकी घर वापसी और ग्रैंड बेलकम का प्लान बना रही है।
भगवा चोला ओढ़े इन पूर्व विधायकों की घर वापसी का प्लान आज शाम तक तय हो सकता है। इन पूर्व विधायकों की घर व विधानसभा क्षेत्र में वापसी को बीजेपी इवेंट के तौर पर भुनाने की योजना बना रही है। इनके स्वागत के लिए सभी पूर्व विधायकों के चुनाव क्षेत्र में बड़े कार्यक्रम रखे जा रहे हैं।
पार्टी के दिग्गज नेताओं की ड्यूटी लगाई जा रही है। हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना और सोलन जिला अध्यक्ष तैयारियां रखने व वर्कर जुटाने को पहले ही कह दिया गया है। अब केवल डेट तय होनी है।
सूत्रों की माने तो सभी नौ पूर्व विधायक एक दिन में घर नहीं लौटेंगे। हर रोज अधिकतम दो-दो विधायकों की घर वापसी होगी। उस हिसाब से प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, कुछ जगह केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर इत्यादि इनके वेलकम में उपस्थित रहेंगे। इसके लिए बाकायदा बड़े नेताओं को ड्यूटी दी जा रही है।
ईन पूर्व विधायकों राज्यसभा चुनाव में की थी क्रॉस वोटिंग सुजानपुर से राजेंद्र राणा, बड़सर से इंद्रदत्त लखनपाल, कुटलैहड़ से देवेंद्र कुमार भुट्टो, लाहौल स्पीति से रवि ठाकुर, धर्मशाला से सुधीर शर्मा, गगरेट से चैतन्य शर्मा, नालागढ़ से केएल ठाकुर, देहरा से होशियार सिंह और हमीरपुर से आशीष शर्मा बीते 28 फरवरी से ही प्रदेश से बाहर है। इन्होंने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को वोट न देकर भाजपा के हर्ष महाजन को वोट दिया था।
25 विधायकों वाली भाजपा के प्रत्याशी हर्ष महाजन और कांग्रेस के अभिषेक मनु सिंघवी के बीच मुकाबला 34-34 वोट के साथ बराबरी पर छूटा। लॉटरी से हर्ष महाजन चुनाव जीत गए। उसी दिन से सभी 9 विधायक सीआरपीएफ के पहरे में है। बीते शनिवार को इन्होंने दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया है। लेकिन अब यह देखने लायक होगा कि पूर्व भाजपा मंत्री विधायक पार्टी के कार्यकर्ता इन लोगों को साथ चलेंगे या फिर करेंगे बगावत क्योंकि कहीं ना कहीं यह भी देखने को मिल रहा है कुछ पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी काफी रोष देखने को मिल रहा है
