जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अपूर्व देवगन ने जिला मंडी के कुछ-एक मतदान केंद्रों के भवनों के क्षतिग्रस्त होने के

 

महिला एवं बाल विकास निदेशालय हिमाचल प्रदेश द्वारा जेंडर बजटिंग पर आयोजित कार्यशाला के दूसरे दिन बुधवार को मंडी और लाहौल-स्पीति जिलों से आए तकनीकी शिक्षा, होमगार्ड, अग्निशमन, एच.पी. कौशल विकास निगम, एचआरटीसी, हिम ऊर्जा, अर्थशास्त्र और सांख्यिकी, डीआरडीए, डीटीओ टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, सैनिक कल्याण, कृषि, जल शक्ति, उद्योग, पीडब्ल्यूडी, पुलिस, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, स्वास्थ्य, भाषा और संस्कृति, पंचायती राज, उच्च शिक्षा, प्रारंभिक शिक्षा और आयुष विभाग के अधिकारी जेंडर बजटिंग पर जागरूक किया गया।

तीन दिनों तक चलने वाली इस कार्यशाला का आयोजन सीसीडीयू, राज्य प्रशिक्षण केंद्र ढांगसीधार मंडी में किया जा रहा है। कार्यशाला के अन्तिम दिन 28 मार्च को गैर राजनीतिक दलों और एनजीओ के प्रतिनिधियों को जेंडर बजटिंग बारे बताया जाएगा।

कार्यशाला के दूसरे दिन प्रवक्ता (जेंडर समन्वयक) समग्र शिक्षा डाईट मंडी चारू वैद्य, संयुक्त निदेशक (सेवानिवृत्त) हिपा डॉ राजीव बंसल, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास मदन चौहान और सामाजिक एवं जेंडर विशेषज्ञ जल शक्ति विभाग रघुबीर सिंह ने दूसरे दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जेंडर बजटिंग पर अधिकारियों को जागरूक किया।

प्रतिभागियों को कार्यशाला में जेंडर दृष्टिकोण अपनाकर संबंधित विभागों के मौजूदा कार्यक्रमों और नीतियों में जेंडर के आधार पर मुद्दों को पहचानने और इसके निवारण के लिए कार्य करने के बारे में जानकारी दी गई। जिससे की महिलाओं को भी विकास का लाभ पुरूषों के बराबर मिल सके। इसके लिए उन्होंने प्रतिभागियों को अपने विभाग में जेंडर बजटिंग सेल बनाने और अपनी नीतियों और कार्यक्रमों में सुधार के लिए जेंडर आधारित डेटा इकट्ठा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। जिससे की उसी अनुपात में बजट का आबंटन किया जा सके।

 

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Author: powan dhiman

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