शेयर बाजार में वायदा कारोबार यानि फ्यूचर एंड ऑप्शन में बढ़ते वॉल्यूम पर भी आरबीआई ने सेबी के साथ मिलकर नजर रखे हुए है.

अर्थव्यवस्था को लेकर आरबीआई गवर्नर ने कहा, वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई को उम्मीद है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 7.2 फीसदी की रफ्तार के साथ ग्रोथ दिखाएगी. हालांकि आरबीआई की इंर्टनल एनालसिस इस ओर इशारा कर रही है कि जून तिमाही में ग्रोथ रेट अनुमान से ज्यादा रह सकता है.

भारत के ग्लोबल बॉन्ड इंडेक्स में शामिल होने के बाद देश में बढ़ने वाले इंफ्लो को लेकर कहा कि, भारत अपने रिजर्व को और बढ़ाता रहेगा जिससे भविष्य में

किसी प्रकार के उतार-चढ़ाव के दौरान इसे रोकने के लिए इस्तेमाल किया जा सके. शेयर बाजार में वायदा कारोबार में इजाफे को लेकर आरबीआई गवर्नर ने कहा कि फ्यूचर एंड ऑप्शन सेगमेंट में हाई ट्रेडिंग वॉल्यूम पर सेबी के मिलकर वो नजर बनाए हुए है. लेकिन उन्होंने कहा कि इस पर किसी भी प्रकार का कोई भी फैसला शेयर बाजार की रेग्यूलेटर सेबी लेगी.

महंगाई दर में तेजी के साथ कमी लना है तचो इसके लिए ग्रोथ के मोर्चे पर बलिदान देना होगा. हाल ही में आरबीआई की तीन दिनों तक चली मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग में लगातार आठवीं बार पॉलिसी रेट्स में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया. लेकिन छह सदस्यीय एमपीसी कमिटी में से दो सदस्यों ने आरबीआई के एमपीसी कमिटी के फैसले के पक्ष में नहीं थे.

ईटी नाउ के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शक्तिकांत दास ने महंगाई को लेकर कहा कि कोर इंफ्लेशन में भले ही कमी आई हो लेकिन उच्च खाद्य महंगाई दर अभी चिंता का कारण बना हुआ है और इसे लेकर अनिश्चितताएं बनी हुई है. उन्होंने कहा कि महंगाई दर कम हो रही है लेकिन इसकी रफ्तार बेहद धीमी है. उन्होंने कहा, आरबीआई को भरोसा है कि महंगाई दर में गिरावट की रफ्तार धीमी ही सही लेकिन आगे भी जारी रहेगी.

क्तिकांत दास के बयानों से झटका लग सकता है.आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी के

रूख में किसी भी प्रकार का बदलाव करना जल्द बाजी होगा. उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक को  ब्याज दरों के मोर्चे पर जोखिम लेने वाले रूख से फिलहाल परहेज करना होगा.

 

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Author: powan dhiman

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