
पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि जिस विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव होता है, उस हल्के के प्रति मुख्यमंत्री सुक्खू अचानक बहुत प्रेम दर्शाने लगते हैं और चुनाव के बाद उस हल्के को भगवान भरोसे छोड़ देते हैं। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री उस हल्के के प्रति कोई ना कोई रिश्तेदारी निकालने लगते हैं।
बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि देहरा उपचुनाव में मुख्यमंत्री ने उनका ससुराल देहरा में होने का नया राग छेड़ दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके ससुराल देहरा में हैं या साथ लगते जसवां प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र में पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री झूठ बोलकर देहरा की जनता को भ्रमित नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि चुनावी नैया पार लगाने के लिए ही मुख्यमंत्री इस तरह की रिश्तेदारियां निकालने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में बेटी की शादी के बाद ससुराल ही उसका घर बन जाता है। इस लिहाज से भी देहरा की जनता को अपना ही धरती पुत्र चाहिए, जो हर समय उनके साथ खड़ा रहे।
राजेंद्र राणा ने कहा कि अपने डेढ़ साल के शासन में मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिला से भी भेदभाव किया है और हमीरपुर जिला से भी भेदभाव किया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में कोई एक बड़ा प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री नहीं गिना पा रहे हैं जो उन्होंने पिछले डेढ़ साल के दौरान मुख्यमंत्री के तोहफे के रूप में यहां की जनता को दिया हो। इसी तरह कांगड़ा जिला को मुख्यमंत्री ने अपने डेढ़ साल के शासन में हाशिए पर रखा है। इसका यहां की पब्लिक माकूल जवाब देगी।
