हिमाचल प्रदेश में साइबर क्राइम दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है

 

  1. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का फ़र्ज़ी निजी सुरक्षा अधिकारी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर बनकर एक शख्स द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को फोन कॉल करने का मामला सामने आया है। आरोपित शख्स खुद को मुख्यमंत्री का पीएसओ बताकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए धौंस जमा रहा था। इसका खुलासा तब हुआ, जब मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर अभिषेक शर्मा तक यह बात पहुंची।

आरोपी को फोन कर जब उससे बात की, तो वह भी दंग रह गए, क्योंकि आरोपी ने उन्हें भी अपना परिचय मुख्यमंत्री के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर के तौर पर दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री के पीएसओ अभिषेक शर्मा ने आरोपित के ख़िलाफ़ छोटा शिमला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवाई। शिमला पुलिस अब आरोपित को तलाश कर उसकी गिरफ्तारी में जुट गई है। पुलिस आरोपित की मोबाइल सीडीआर खंगाल जल्द उसकी गिरफ्तारी की बात कही है।

 

मुख्यमंत्री सुक्खू के निजी सुरक्षा अधिकारी पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर अभिषेक शर्मा गांव मंडलीन तहसील रक्कड़ जिला कांगड़ा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि दिनांंक 12 जुलाई को उसे कांग्रेस पार्टी के एक कार्यकर्ता का फोन आया औऱ उन्होंने जानकारी दी कि एक शख्स कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कॉल कर रहा है और खुद को मुख्यमंत्री सुक्खू के पीएसओ अभिषेक शर्मा के रूप में पेश कर रहा है। साथ ही आरोपी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए रौब गांठ रहा है।

अभिषेक शर्मा ने शिकायत में बताया कि उन्होंने जब उपरोक्त मोबाइल नम्बर पर बात की तो उस शख़्स ने उसे भी बताया कि वह मुख्यमंत्री का पीएसओ अभिषेक बोल रहा है औऱ मुख्यमंत्री के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के गांव बेला का रहने वाला है। शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी ने यह भी कहा कि वह पुलिस की चतुर्थ बटालियन जंगल बेरी में तैनात है।

मुख्यमंत्री के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर अभिषेक शर्मा की शिकायत पर छोटा शिमला थाने में आरोपित के विरुद्ध बीएनएस की धारा 204 व 351(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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Author: powan dhiman

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