सूअरों के मैले को नाले में बहाया जा रहा है जिससे पानी दूषित हो रहा है तथा यह पानी खड्ड में संचालित पेयजल योजना में पहुंच रहा है।

ग्राम पंचायत फरनोहल के तहत आने वाले बाड़ी डुग्घ में खोले गए सुअर फार्म ने ग्रामीणों का जीना दुश्वार कर दिया है। इस फार्म से निकले वाली गंदगी जहां खड्ड के पानी को गंदा कर रही है तो वहीं गांव के लोगों को सांस लेना मुश्किल हो गया है। बदबू की वजह से ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण पहले ही अवगत करवा चुके हैं। पंचायत की तरफ से इस फार्म की एनओसी को भी रद्द कर दिया गया है। रद्द करने का कारण भी पंचायत ने संबंधित फार्म मालिक को जारी नोटिस में बताया है। पंचायत नोटिस में यह भी अंकित किया गया है कि आपके द्वारा खोला गया सूअर तथा बकरी फार्म कई अन्य जगह पर स्थानांतरित किया जाए अन्यथा पंचायत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए जुर्माना लगाएगी। बावजूद इसके यह फार्म संचालित हो रहा है तथा पूरा गांव दिक्कत झेल रहा है। सूअर फार्म की गंदगी से परेशान होकर आखिरकार ग्रामीण को जिलाधीश के दरबार का दरवाजा खटखटाना पड़ा। ग्रामीण एकत्रित होकर उपायुक्त के दरबार में पहुंचे तथा यहां पर अपनी समस्या बताई। ग्रामीणों का कहना है कि यह सूअर फार्म गैर कानूनी ढंग से संचालित किया जा रहा है। सूअरों के मैले का नाले में बहाया जा रहा है जिससे पानी दूषित हो रहा है तथा यह पानी खड्ड में संचालित पेयजल योजना में पहुंच रहा है। मीट संचालक व उसके कर्मचारी सूअरों को काटने का काम करते हैं जिससे आवारा कुत्तों की तादाद बढ़ गई है तथा इन कुत्तों से भी खतरा बना हुआ है। साथ ही यह जगह चील तथा कौवों का आवास स्थान बन गई है। ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की है कि जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए। उपायुक्त ने ग्रामीणों का आश्वासन दिया कि जल्द इस संबंध में उचित कदम उठाया जाएगा।

ग्राम पंचायत फरनोहल के उपप्रधान अश्वनी कुमार का कहना है कि गांव बाड़ी डुग्घ में सूअर का फार्म गैर कानूनी ढंग से खोला गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस सूअर फार्म को बदं करवाए क्योंकि इसकी वजह से पूरा गांव परेशानी में पड़ गया है।

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Author: powan dhiman

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