As per the directions of Block Medical Officer Tony Devi, World Diabetes Day was celebrated in Village Panchayat Khyaah under the chairmanship of Pradhan Smt. Reena Devi. On this occasion, a camp for testing people for diabetes was also organized by the Health Department.

स्वस्थ जीवनशैली के कारण ही मधुमेह से बचा जा सकता है

स्वास्थ्य विभाग की तरफ से खंड स्वास्थ्य शिक्षक कमल मनकोटियों ने बताया कि मधुमेह एक बहुत ही गंभीर समस्या है अगर हम भारत को पूरे विश्व की मधुमेह की राजधानी कहे तो कुछ भी गलत नहीं होगा l भारत में मधुमेह एक गंभीर समस्या के रूप में फैल रहा है। इसलिए लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा हर वर्ष 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है l आंकड़ों के अनुसार 2021 में मधुमेह के कारण विश्व में 68 लाख लोगों की मृत्यु हुई थी उस वर्ष 53 करोड से भी अधिक लोग मधुमेह से प्रभावित थे। यानी की 10 में से एक व्यक्ति मधुमेह का रोगी था। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह संख्या 2030 तक 64 करोड़ से भी अधिक हो जाएगी ।
 स्वास्थ्य शिक्षक ने बताया कि हम जो भी खाना खाते हैं वह शरीर के अंदर जाकर टूटता है और उसमें मौजूद ग्लूकोस यानी शुगर निकलना शुरू होता है, पेनक्रियाज एक तरह का हार्मोन छोड़ता है जिसको हम इंसुलिन कहते हैं। इंसुलिन के कारण ग्लूकोस ब्लड के माध्यम से पूरे शरीर में जाता है, और ऊर्जा का संचार करता है। बिना इंसुलिन के यह नहीं हो सकता है, जब पेनक्रियाज उचित मात्रा में इंसुलिन नहीं बनाता है इसके कारण ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बढ़ने लगता है इस स्थिति को हम मधुमेह कहते हैं।
 स्वास्थ्य शिक्षक ने बताया कि डायबिटीज तीन प्रकार की होती है जिसमें टाइप वन डायबिटीज टाइप टू डायबिटीज और गर्भकालीन डायबिटीज होती है।
टाइप 1 डायबिटीज या आमतौर पर बच्चों और युवाओं में देखी जाती है यह स्थिति तब होती है जब शरीर इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है।
टाइप 2 डायबिटीज अक्सर उम्र दराज लोगों में देखी जाती है या डायबिटीज का सबसे आम प्रकार है जहां शरीर इंसुलिन को ठीक से प्रतिक्रिया नहीं देता है।
गर्भावस्था डायबिटीज या गर्भवती महिलाओं में देखी जाने वाली एक चिकित्सा स्थित है जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है और प्रशब के बाद वापस समान स्थिति में आ जाता है।
 मधुमेह के लक्षणों में लगातार पेशाब आना, अधिक प्यास लगना, ज्यादा भूख लगना , बजन का काम होना, थकान ,चक्कर आना ,धीरे-धीरे घाव का भरना ,संक्रमण या त्वचा की समस्या और धुंधली दृष्टि इत्यादि शामिल हैं।
 मधुमेह के कारणों में बढ़ती उम्र,मधुमेह का पारिवारिक चिकित्सा इतिहास, शारीरिक गतिविधि का अभाव, मोटापा, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल और तनाव या डिप्रेशन, जीवनशैली की आदतें हैं जैसे धूम्रपान इत्यादि कारण है।
 स्वास्थ्य शिक्षक ने बताया कि शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को जानने के लिए सबसे पहले ब्लड टेस्ट की आवश्यकता होती है।
शुगर से बचने के लिए हमें व्यायाम, कम बस और कम कैलोरी के आहार का उपयोग करना चाहिए, तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए, पर्याप्त मात्रा में हरी सब्जियों फलों और अधिक फाइबर वाले पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए। नियमित रूप से चलना योग इत्यादि के माध्यम से शारीरिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए। धूम्रपान छोड़ने के साथ-साथ शराब और कैफीन का भी सेवन नियंत्रित करना चाहिए। शरीर में ब्लड शुगर के स्तर की निगरानी हमेशा समय-समय पर करवानी चाहिए।
 इस मौके पर उपस्थित लोगों की शुगर की जांच भी की गई तथा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से क्विज कंपटीशन और मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। मेहंदी प्रतियोगिता में श्रीमती नीति गांव रोपा प्रथम स्थान, श्रीमती शिल्पा द्वितीय स्थान, श्रीमती अंजना कुमारी तृतीय स्थान पर रहे । वही प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में श्रीमती बिंदु वाला प्रथम स्थान पर श्रीमती अंजना शर्मा द्वितीय स्थान पर और श्रीमती अनुराधा तृतीय स्थान पर रहे। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से श्री राज कुमार स्वास्थ पर्यवेक्षक, दीक्षा शर्मा सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी श्रीमती सुरेखा स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्री अमित कुमार शर्मा पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रधान श्रीमती रेणु बाला ने स्वास्थ्य विभाग का धन्यवाद किया तथा भविष्य में भी ऐसी गतिविधियां ग्राम पंचायत क्या में करने का आग्रह किया।
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Author: powan dhiman

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