मुक़द्दर से नहीं दृढ़ संकल्प से मिलती है मंज़िल:::डॉ पुष्पेंद्र वर्मा

हिमअकादमी पब्लिक स्कूल के वार्षिक पारितोषिक समारोह की धूम रही । समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा ने शिरकत की। स्कूल पहुंचने के ऊपर डायरेक्टर श्री पंकज लखनपाल, प्राचार्या महोदया श्रीमती नैना लखनपाल , हिमांशु शर्मा ने मुख्य अतिथि डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा और उनके साथ उनकी पत्नी डॉक्टर मणि वर्मा का स्वागत पुष्प गुच्छ देकर किया।

इसके पश्चात मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलन के बाद पारितोषिक वितरण समारोह की शुरुआत हुई।
इस अवसर पर हिम अकादमी के संस्थापक प्रोफेसर आरसी लखनपाल व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चंद्रप्रभा लखनपाल ने मुख्य अतिथि डॉ पुष्पेंद्र वर्मा व डॉक्टर मणि वर्मा को टोपी शाल और स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर स्कूल के मेधावी कलाकार लविश ने अपने हाथों से बनाई हुई राधा कृष्ण भगवान की तस्वीर मुख्य अतिथि व उनकी धर्मपत्नी को भेंट की। इसके पश्चात मेधावी छात्र-छात्राओं को डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा ने पुरस्कार दिए।
पुरस्कार वितरण के बाद रंगारंग कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने जबरदस्त परफॉर्मेंस से सभी बैठे हुए दर्शकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर बोलते हुए डॉक्टर पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि हिमअकादमी के संस्थापक श्री प्रोफेसर आरसी लखनपाल ने जो पौधा आज से 31 साल पहले लगाया था वह आज एक बड़ा पेड़ बनकर सबको छाया दे रहा है ।आज न केवल हमीरपुर, हिमाचल ,भारतवर्ष बल्कि पूरे दुनिया में हिम अकादमी पब्लिक स्कूल का डंका बज रहा है । उन्होंने हिम अकादमी पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट के डायरेक्टर पंकज लखनपाल का भी धन्यवाद किया और कहा कि मेरी गृह पंचायत में उन्होंने जंगल में मंगल कर दिया है, और हजारों लोगों को रोजगार देकर एक नया आयाम स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि कहीं भी जाएं इस शिक्षण संस्थान से पड़े हुए छात्र हमें अच्छी-अच्छी जगह पर कार्यरत मिल जाते हैं और उसे समय हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है कि हमारे हमीरपुर जिला से शिक्षा ग्रहण कर लोग ऊंचे ऊंचे पदों पर बैठकर न केवल हिम अकादमी बल्कि हमीरपुर जिले का नाम भी रोशन कर रहे हैं ।
डॉ वर्मा ने स्कूल के बच्चों से कहा कि बच्चों आप इतने अच्छे स्कूल में पढ़ रहे हैं जहां पूरी मैनेजमेंट आपके भविष्य के लिए चिंतित है तो आप भी अब मुकद्दर के सहारे नहीं बैठें क्यूंकि ” मंजिल की जुस्तजू में मुकद्दर नहीं देखा करते, जब मंजिल की ठान ली हो तो पलट कर देखा नहीं करते” ।
भारत माता के उद्घोष के साथ डॉक्टर वर्मा ने अपने संबोधन को खत्म किया । इस अवसर पर सैकड़ो की संख्या में बच्चों के अभिभावक व हमीरपुर शहर के गनमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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Author: powan dhiman

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