Former Chief Minister and Leader of Opposition Jai Ram Thakur The government is steeped in corruption from top to bottom: Jai Ram Thakur If the government is not involved then why is there silence on corruption allegations Due to fear, the government is unable to take action against the officials

Former Chief Minister and Leader of Opposition Jai Ram Thakur The government is steeped in corruption from top to bottom: Jai Ram Thakur If the government is not involved then why is there silence on corruption allegations Due to fear, the government is unable to take action against the officials

धर्मशाला से जारी बयान में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। भ्रष्टाचार के इस खेल में मुख्यमंत्री कार्यालय पूरी तरह सेशामिल है। इसलिए हर दिन भ्रष्टाचार का मामला सामने आने पर सरकार द्वारा आरोपों पर सख्ती से कार्रवाई करने के बजाय भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिया जाता है। भ्रष्टाचार उजागर करने वाले विपक्ष के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी की जाती है। प्रदेश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक के बाद घोटाले के आरोप सरकार पर लग रहे हैं और सरकार उस कार्रवाई करने के बजाय इधर-उधर की बाते कर रही है। अगर ऐसे भ्रष्टाचार के मामलों में मुख्यमंत्री और सरकार की संलिप्तता नहीं हैं तो आरोपों की जांच क्यों नहीं करवाई जाती। मामले में जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?

जयराम ठाकुर ने कहा कि यह सरकार संदिग्ध व्यक्तिव के अधिकारियों को संरक्षण दे रही है और उनका अनावश्यक पक्ष ले रही हैं। उन्हें अन ड्यू फेवर दे रही है। उनके खिलाफ एक के बाद एक आरोप लग रहे हैं, शिकायतें आ रही हैं, लेकिन सरकार उनकी जांच करवाने और कार्रवाई करने के बजाय उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। उन्हें महत्वपूर्ण ओहदों पर बैठा रही है। जिनके खिलाफ जांचे चल रही हैं। वह महत्वपूर्ण जगहों पर आसीन किए जा रहे हैं। आखिर क्या वजह है कि सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से डर रही हैं। सरकार ऐसे विकास विरोधी और भ्रष्टाचार के समर्थक अधिकारियों को एक झटके में क्यों नहीं हटाती है? उनके खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं करती है? कार्रवाई करने के लिए कार्रवाई करने वालों में नैतिक बल होना चाहिए, साहस होना चाहिए। अगर सरकार में यह साहस नहीं है तो यह साफ़ है कि मामला गड़बड़ है।

प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर नाकाम है। झूठी गारंटियों के नाम पर सत्ता में आई सुक्खू सरकार का जनहित से कोई सरोकार नहीं है। इसीलिए वह हर दिन बेख़ौफ़ होकर जन विरोधी फैसले ले रही है। सरकार की नाकामियों का खामियाजा प्रदेश को लोगों को भुगतना पड़ रहा है। नौकरी देने के नाम पर गेस्ट टीचर पॉलिसी लाकर घंटे के हिसाब से रोजगार देने की योजना बना रही है और प्रदेश भर के युवा उसके खिलाफ उद्वेलित हैं, सड़कों पर हैं। आज भी प्रदेश के युवाओं ने सरकार के खिलाफ धरना दिया है। जिसे सरकार बाल पूर्वक दबाना चाहती है।

भाजपा विधायक समेत पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज करने पर भाजपा ने किया प्रदर्शन

कुपवी के टिक्कर में मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान जंगली मुर्गा परोसने के मामले में भाजपा विधायक समेत मीडिया कर्मियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने पर भाजपा विधायक दल ने विरोध प्रदर्शन किया। जयराम ठाकुर के नेतृत्व में तपोवन विधान सभा परिसर में भाजपा विधायकों ने जंगली मुर्गे के साथ प्रदर्शन किया और सरकार को तानाशाही से बाज आने की बात कही। उन्होंने मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को मुर्गा खाने, खिलाने और शिकार करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाना चाहिए था लेकिन मुकदमा दर्ज हो रहा है मीडिया के खिलाफ, जिन्हें सरकार स्वयं ले गई थी और पूरे कार्यक्रम की कवरेज करवाई। मीडिया को सीएम के प्रतिनिधियों ने ही मेन्यू दिया था। जब सब कुछ मुख्यमंत्री की कोर टीम ने किया तो फिर मुकदमा पत्रकारों और भाजपा के विधायकों पर क्यों हो रहा है। सरकार यह मुकदमा तुरंत वापस ले।

powan dhiman
Author: powan dhiman

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