FLCRP honored for excellent work in credit linkage

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स्वयं सहायता समूहों को ऋण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सबसे अधिक आवेदन प्रस्तुत करने वाले करने वाले 10 एफएलसीआरपी को और ऋण स्वीकृत करने वाले 3 बैंकों को जिला ग्रामीण विकास अभिकरण सभागार मंडी में सोमवार को उपायुक्त रोहित राठौर ने सम्मानित किया। समूहों को ऋण मंजूरी के सबसे अधिक आवेदन चौतड़ा विकास खंड की एफएलसीआरपी (वित्तीय साक्षरता सामुदायिक संसाधन व्यक्ति) दीपा और सरिता द्वारा भेजे गए। दीपा ने 29 स्वयं सहायता समूहों के 52 लाख और सरिता ने 28 समूहों के 71 लाख आवेदन बैंकों को भेजे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को बढ़ाने के लिए स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को कम ब्याज दर पर ऋण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 5 दिसम्बर से लेकर 19 दिसम्बर तक 15 दिन का लोन दिवस अभियान चलाया गया था। इस अवधि में जिला में 850 स्वयं सहायता समूहों को 17 करोड़ रुपये ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित गया था। इस दौरान लक्ष्य के मुकाबले 480 स्वयं सहायता समूहों को 11.93 करोड़ रुपये राशि के ऋण जारी करने के आवेदन एफएल-सीआरपी द्वारा विभिन्न बैंकों को प्रस्तुत किए गए। इस अवधि के दौरान बैंकों द्वारा 3.77 करोड़ की ऋण राशि समूहों को स्वीकृत कर दी है।
 अतिरिक्त उपायुक्त रोहित राठौर ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को ऋण उपलब्ध करवाकर ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को बढ़ाया जाएगा। महिलाओं को क्रेडिट लिंकेज के प्रति जागरूक करने के लिए क्लस्टर स्तर पर पंचायतों में शिविर लगाए जाऐंगे। शिविरों में समूहों की सफलता की कहानियां बताई जाएंगी।
 जिला विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक ने बताया कि इस वित्त वर्ष में स्वयं सहायता समूहों को 61 करोड़ रुपये का ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें से अभी तक 29 करोड़ के ऋण मंजूर कर लिए गए हैं। बैंकों से तालमेल करके वित्त वर्ष के अंत तक यह लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
इस अवसर पर जिला अग्रणी बैंक से नाबांग छेरिंग, विभिन्न बैंकों के डीसीओज सहित विभिन्न समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
powan dhiman
Author: powan dhiman

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