झनिक्कर में सड़क और पानी के लिए दूसरे दिन भी ग्रामीणों का दिखा आक्रोश एस डी एम भोरंज को मिल समस्या को हल करने के लिए लगाएंगे गुहार

झनिक्कर से केहरवीं सड़क की अपग्रेडेशन को कारण सड़क और पानी की सुविधा से वंचित ग्रामीणों ने दूसरे दिन भी अव्यवस्था को लेकर अपना आक्रोश दिखाया। सड़क को 27 जनवरी तक बंद करने के प्रशासनिक आदेशों के बाद बुधवार को ग्रामीणों ने नारेबाजी की तथा एस डी एम भोरंज से मिल स्थिति को तुरंत सुधारने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने फिर चेतावनी दी है कि अगर दो दिन में पानी तथा सड़क बहाल नहीं की तो 11 जनवरी को सुबह झनिक्कर में नेशनल हाईवे जाम कर दिया जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क को इतनी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है कि दो पहिया वाहन भी निकाल पाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने ठेकेदार, जेसीबी मालिक और जल शक्ति विभाग के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग भी की है। ग्रामीणों के मुताबिक कोई कोई राशन के लिए तरस रहा है तो कोई पानी के लिए। किसी को चिंता है कि अचानक रात को बीमार हो गया तो हॉस्पिटल कैसे पहुंचाएंगे। स्टूडेंट्स स्कूल कालेज तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसी के घर शादी है तो तैयारियां अधूरी पड़ी हुई है। लोग पूछ रहे हैं कि यह कैसी अपग्रेडेशन हो रही है।

आपको बता दें कि झनिक्कर से केहरवीं सड़क अपग्रेड हो रही है। करीब 4 फीट की गहराई और चौड़ाई में पाइप लाइन नए सिरे से बिछाई जा रही है। दिक्कत यह है कि करीब पांच मीटर चौड़ी सड़क को इतनी बुरी तरह से उखाड़ फेंका हैं कि दोपहिया वाहन तक निकाल पाना असंभव कर दिया गया है। लोग परेशान हैं लेकिन सुनने को तैयार ही नहीं ।

इस बारे ठेकेदार अनिल चौहान का कहना है कि जिस क्षेत्र में पाईप लाइन बिछाने का कार्य पूर्ण हो गया है वहां टेस्टिंग के बाद सड़क को रात तक समतल कर दिया जाएगा।

उधर जलशक्ति विभाग के बारी सेक्शन के कनिष्ठ अभियंता पंकज कुमार का कहना है कि लोगों के घरों तक प्राथमिकता के आधार पर सुबह तक पानी पहुंचा दिया जाएगा। टूटे पाइप कनेक्शन जोड़े जा रहे है।

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Author: powan dhiman

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